shiv chalisa

हाइकू रचना : रेल हादसा...

सुशील कुमार शर्मा
हाइकू  54
 

 
मौत का पंजा
झपटकर उड़ा
जीवन हंसा।
 
काली थी रात
मौत की बरसात
घुप्प अंधेरा।
 
चीखते जिस्म
लहूलुहान बच्चे
कटे शरीर।
 
जीवन वृत्त
रह गया अधूरा
टूटे सपने।
 
काल कहर
बुझ गईं ज्योतियां
अंधेरे घर।
 
नन्ही-सी बेटी
कब आएंगे पापा
देखती राह।
 
टूटे सहारे
छूटे सब अपने
दर्द के घेरे।
 
टूटती रेलें
मौत की सियासत
लाशों का ढेर।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Gas-free vegetarian dishes: LPG गैस के बिना बनने वाले 20 शाकाहारी व्यंजन

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

घर में यदि गैस और इंडक्शन दोनों नहीं है, तो इन 5 आसान तरीकों से फटाफट पकेगा खाना

यदि खत्म हो गई है गैस तो परेशान न हो, बिना LPG के जल्दी से बनाएं ये 5 आसान डिश

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

रामनवमी 2026: प्रभु श्रीराम को लगाएं ये 5 खास भोग, तुरंत प्रसन्न होकर देंगे आशीर्वाद

महायुद्ध पर कविता: सुलग रहा संसार है

Benefits of desi ghee: देसी घी खाने के 10 अद्भुत फायदे, आप शायद ही जानते होंगे

Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली

Ganesh Shankar Vidyarthi Day: गणेश शंकर विद्यार्थी बलिदान दिवस: एक श्रद्धांजलि और प्रेरणा

अगला लेख