Hanuman Chalisa

कम सोने से बढ़ सकता है मधुमेह का खतरा : अध्ययन

Webdunia
शुक्रवार, 6 नवंबर 2015 (15:13 IST)
वाशिंगटन। कम सोने के कारण इंसुलिन को लेकर शरीर की संवेदनशीलता कम हो जाती है और रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने की इसकी क्षमता भी प्रभावित होती है जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

 
हाल ही में हुए एक अध्ययन में लोगों को इस संबंध में आगाह किया गया है। इस अध्ययन में अपर्याप्त नींद से मोटापा, मेटाबोलिक सिंड्रोम, मनोवस्था संबंधी विकार, संज्ञानात्मक विकार और दुर्घटनाओं से संबंध के बारे में भी बताया गया है।
 
अमेरिका के कोलोराडो बाउल्डर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक केनेथ राइट जूनियर ने कहा कि जब लोग बहुत कम सोते हैं तो उनके शरीर की घड़ी कहती है कि उनको सोना चाहिए और जब वह सुबह में कुछ खाते हैं तो यह उनके रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है।
 
राइट और सह लेखक राबर्ट एकेल ने अपने अध्ययन के लिए 16 स्वस्थ पुरूषों और महिलाओं को चुना। इस अध्ययन का प्रकाशन ‘करेंट बायोलॉजी’ नामक जर्नल में हुआ है। (भाषा)
 
Show comments

जरूर पढ़ें

बंगाल में ममता सरकार पर भड़के राहुल गांधी, कार्यकर्ता की हत्‍या पर बोले- TMC का चल रहा गुंडा राज, नहीं झुकेगी कांग्रेस...

दबाव में नहीं आएगा तेहरान, धमकियों के आगे नहीं झुकेगा, अमेरिका से वार्ता पर बोले ईरानी राष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप पर हमला? 4 बार मौत को दे चुके हैं मात, कौन था हमलावर, ईरान का हाथ या फिर और कोई चाल, क्या बोली सुरक्षा एजेंसियां

Washington Hotel Firing : ट्रंप पर हमला हुआ? होटल में अंधाधुंध फायरिंग, डिनर पार्टी में थे राष्ट्रपति, जानें सीक्रेट सर्विस ने कैसे बचाई जान?

पश्चिम बंगाल की रैली में राहुल गांधी का बड़ा बयान,बोले- मैं PM मोदी से नहीं डरता,मेरे ऊपर 36 केस, ममता बनर्जी पर क्‍यों नहीं?

सभी देखें

नवीनतम

PM,CM और मंत्रियों को पद से हटाने वाले संशोधन विधेयक पर JPC आज करेगी चर्चा

विरोध के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, विवाद पर दी यह सफाई,जानिए क्‍या है मामला?

पवन खेड़ा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती, क्‍या बच पाएंगे गिरफ्तारी से?

50% खराब चमक वाला गेहूं! घबराएं नहीं अन्नदाता, इन्हें भी खरीदेगी हमारी सरकार : मोहन यादव

लोक संपर्क सम्मान से सम्मानित हुए जनसंपर्क के उपसंचालक सुनील वर्मा, सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है जनसंपर्क