shiv chalisa

लाल किताब में 43 दिन के उपाय क्यों बताए जाते हैं, जानिए

अनिरुद्ध जोशी
आपने अक्सर देखा होगा कि लाल किताब में कुछ उपायों को 43 दिन तक करने की सलाह दी जाती है। जैसे 43 दिन तक सिरहाने तांबे के लौटे में जल रखकर सोएं और उसे प्रतिदिन बाहर ढोलकर नया जल भर लें या नाक में 43 दिन के लिए चांदी का तार डाल कर रखें आदि। आओ जाते हैं कि आखिर 43 दिन की क्यों कहे जाते हैं।
 
 
दरआल, लाल किताब में एकेश्वरवाद का बहुत महत्व है। श्राद्ध करने और पुराने रीति रिवाज के साथ ही पक्षी, गाय, कुत्ता, हाथी, और चींटियों को भोजन देने का भी महत्व है। लाला किताब के अनुसार घर में पूजा पाठ करने के बजाय मंदिर में करना अच्छा माना जाता है। हर कुंडली के ग्रह 35 वर्ष में एक चक्र पूरा कर लेते हैं। जो ग्रह पहले चक्र में बुरा फल देते हैं वे दूसरे चक्र में बुरा फल नहीं देते। अच्‍छे की गारंटी नहीं।  बुध का सबसे बुरा फल कुंडली के तीसरा और 12वें घर में मिलता है।
 
दशम स्थान (घर) शनि का स्थान है। 12 से 11 घरों का उपचार हो सकता है किंतु 10वें घर का नहीं। ग्रहों का उपचार तो हो सकता है किंतु घर का नहीं। यह धरती जीस धुरी पर घुमती है वह कुंडली का दसवां घर है।
 
लाल किताब मानती है कि जब कोई मर जाता है तो घर में कम से कम 40 दिन तक सूतक रहता है तो हम 3 दिन और उपर मान लेते हैं। 28 नक्षत्र और 12 राशि का संपूर्ण चक्र 40 दिन में पूरा हो जाता है। 28+12=40 होता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Dhulandi 2026: धुलेंडी के दिन 5 कार्य जरूर करें तो होगा बड़ा फायदा

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

Holi 2026 Date Confused: 2 मार्च को भद्रा तो 3 को ग्रहण, जानें ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कब जलेगी होली?

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

सभी देखें

नवीनतम

Mangal Gochar 2026: कुंभ राशि में मंगल का प्रवेश, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को कब से कब तक रहेगा सूतक काल? जानिए सही समय और नियम

Blood Moon 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण! इन आसान उपायों से बदलें अपनी किस्मत का सितारा

Tortoise Vastu: कौनसा कछुआ देगा शुभ फल तांबे या क्रिस्टल का? जानें अपनी मनोकामना के अनुसार सही कछुआ चुनने का तरीका

Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?

अगला लेख