Biodata Maker

शनि यदि है ग्यारहवें भाव में तो रखें ये 5 सावधानियां, करें ये 6 कार्य और जानिए भविष्य

अनिरुद्ध जोशी
गुरुवार, 23 अप्रैल 2020 (10:07 IST)
मकर और कुंभ का स्वामी शनि तुला में उच्च, मेष में नीच का होता है। लाल किताब में आठवें भाव में शनि बली और ग्यारहवां भाव पक्का घर है। सूर्य, चंद्र और मंगल की राशियों में शनि बुरा फल देता है। लेकिन यहां ग्यारहवें घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
 
 
कैसा होगा जातक : यदि यहां शनि है तो व्यक्ति होशियार और फरेब देने वाला माना जा सकता है। जातक चतुराई और छल से पैसे कमाएगा। लेकिन यदि शुभ है तो खुद विधाता माना जाएगा। जातक के भाग्य का निर्धारण चालीसवें साल के बाद होगा लेकिन 48 से पहले हो जाएगा। जातक कभी भी निःसंतान नहीं रहेगा। राहु और केतु की स्थिति के अनुसार शनि ग्रह अच्छा या बुरा परिणाम देगा।
 
 
5 सावधानियां :
1. कभी किसी को उधार न दें।
2. नेक और धर्मात्मा बने रहें।
3. कभी भी शराब न पियें। 
4. अपना नैतिक चरित्र ठीक रखें।
5. छल से कोई कार्य न करें।
 
 
क्या करें : 
1. भैरव महाराज और हनुमानजी की उपासना करें।
2. शनि मंदिर में छाया दान करें।
3. प्रतिदिन कुत्ते या कौवों को खाना खिलाते रहें।
4. अंधे, अपंगों, सेवकों और सफाइकर्मियों की सेवा करें।
5. तिल, उड़द, लोहा, तेल, काला वस्त्र और जूता दान दें।
6. 43 दिनों तक तेल या शराब की बूंदें जमीन पर गिराएं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

नास्त्रेदमस की भविष्‍यवाणी में ईरान के बारे में क्या लिखा है?

होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया, कब मनाएं होली और धुलंडी?

क्या गैर हिंदुओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित करना उचित है?

जया और विजया एकादशी में क्या है अंतर जानिए

होली कब है, 2, 3 या 4 मार्च 2026 को?

सभी देखें

नवीनतम

04 February Birthday: आपको 04 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 फरवरी 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है, जानें मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और चंद्रोदय का समय

कुंभ राशि में राहु और बुध की युति, 4 राशियों को रहना होगा संबलकर

शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

अगला लेख