Publish Date: Mon, 19 Mar 2018 (08:56 IST)
Updated Date: Mon, 19 Mar 2018 (09:06 IST)
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने कहा है कि नोटबंदी के बाद आए 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों में जिनकी असली-नकली की पहचान और गिनती हो चुकी है उन्हें टुकड़ों में काटकर ईंट शक्ल में (ब्रिकेट) बदलने के बाद निविदा के माध्यम से उनका निपटारा कर दिया जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने यह जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि 30 जून 2017 को जारी किए अपने प्रारंभिक आकलन में रिजर्व बैंक ने पुराने 500 और 1,000 रुपए के नोटों का कुल मूल्य 15.28 लाख करोड़ रुपए बताया था। एक आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि बंद हुए 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों की गिनती की गई है और मुद्रा सत्यापन की अत्याधुनिक प्रणाली के तहत उनकी जांच की गई है।
इस प्रक्रिया को पूरा करने वाले नोटों को रिजर्व बैंक के विभिन्न कार्यालयों में लगाए गए नोटों को काटने और ब्रिकेटिंग प्रणाली में इन्हें काटकर उन्हें ब्रिकेट में परिवर्तित किया जा रहा है। रिजर्व बैंक के अनुसार जब इन कटे हुए नोटों को दबाकर इन्हें चौकोर ईंट की शक्ल में बदल दिया जाएगा तो निविदा के माध्यम से इनका निस्तारण कर दिया जाएगा।
जवाब में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ऐसे नोटों का पुनर्चक्रण नहीं करता है। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक के देशभर में विभिन्न कार्यालयों में कुल 59 अत्याधुनिक मुद्रा सत्यापन एवं प्रसंस्करण मशीनें कार्यरत हैं। इन्हीं के माध्यम से नोटबंदी में वापस आए नोटों को काटकर खत्म किया गया है और उनके असली होने की जांच की गई है। गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे।