Hanuman Chalisa

यूपीएससी ने हिन्दी अनुवाद की पद्धति का ब्योरा किया ऑनलाइन

Webdunia
बुधवार, 12 नवंबर 2014 (18:02 IST)
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने अनेक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की  सहायता के लिए अपनी वेबसाइट पर अंग्रेजी के प्रश्नों का हिन्दी भाषा में अनुवाद करने की पद्धति का  ब्योरा डाला है।

इस विवरण में भूगोल, लोक प्रशासन, इतिहास, व्यापार और संचार आदि विषयों में हिन्दी में और  अन्य भाषाओं में इस्तेमाल शब्दों की सूची शामिल है। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के चयन के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित  करने वाला यूपीएससी अनुवाद में ‘कमीशन फॉर साइंटिफिक एंड टेक्निकल टर्मिनोलॉजी’ (सीएसटीटी)  की शब्दावली का इस्तेमाल करता है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यूपीएससी द्वारा आयोजित अनेक परीक्षाओं में हिन्दी अनुवाद से जुड़े  मुद्दों को देखने वाली 3 सदस्यीय समिति की सिफारिश के बाद यह कदम उठाया गया है।

कुछ विद्यार्थियों ने इस साल सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के हिन्दी अनुवाद में विसंगतियों की शिकायत की थी। उसके बाद यूपीएससी ने मामले में अध्ययन के लिए समिति का गठन किया था। अभ्यर्थियों की मदद के लिए यूपीएससी के पोर्टल पर सीएसटीटी की वेबसाइट का लिंक डाल दिया गया है। (भाषा)

Show comments

जरूर पढ़ें

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

क्या सच में खतरा है? अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा

जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ी 10 बड़ी बातें, जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं...

पार्टी लाइन से अलग हटे शशि थरूर! नाविकों के मुद्दे पर किया पीएम मोदी का समर्थन; बीजेपी बोली- राहुल गांधी का पर्दाफाश

NEET Re-Exam का 'ब्लंडर' : नागपुर के छात्र का सेंटर सीधे अबू धाबी! न पासपोर्ट, न पैसे, राहुल गांधी ने NTA को घेरा

सभी देखें

नवीनतम

MP पुलिस में फिर होगी सीधी भर्ती, CM मोहन यादव की खिलाड़ियों को बड़ी सौगात

CBSE 12वीं के नतीजे घोषित, 85.20% स्‍टूडेंट हुए पास, लड़कियों ने फिर मारी बाजी

CBSE 12th Result 2026: 18.5 लाख छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला, DigiLocker-UMANG पर जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?