Publish Date: Wed, 20 Jun 2018 (21:47 IST)
Updated Date: Wed, 20 Jun 2018 (21:50 IST)
दुबई। भारत पहले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की शुरुआती श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज का दौरा करेगा। आईसीसी ने आज 2018 से 2023 तक के लिए भविष्य का दौरा कार्यक्रम जारी करके इसकी घोषणा की। आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि भारत डब्ल्यूटीसी के तहत दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए कैरेबियाई देशों का दौरा करेगा।
कुल मिलाकर चोटी की नौ टीमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भाग लेंगी। यह चैंपियनशिप 15 जुलाई 2019 से 30 अप्रैल 2021 तक चलेगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला विश्व कप 2019 के तुरंत बाद शुरू हो जाएगी। इस दौरे में भारतीय टीम तीन वन-डे और इतने ही टी-20 मैच भी खेलेगी।
भारत इस साल के आखिर में तीन टेस्ट, पांच वन-डे और तीन वन-डे के लिए वेस्टइंडीज की मेजबानी करेगा। विश्व चैंपियनशिप में भारत का दूसरा प्रतिद्वंद्वी दक्षिण अफ्रीका होगा जिसकी वह तीन टेस्ट मैचों के लिए मेजबानी करेगा।
यह घरेलू श्रृंखला अक्टूबर 2019 में होगी जिसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ एक और श्रृंखला खेली जाएगी। बांग्लादेश दो टेस्ट मैच और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने के लिए भारत का दौरा करेगा। भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अगली दो श्रृंखलाएं न्यूजीलैंड (दो टेस्ट) और ऑस्ट्रेलिया (चार टेस्ट) के खिलाफ होंगी जबकि इसके बाद वह पांच टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड की मेजबानी करेगा।
उम्मीद के मुताबिक भारत और पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की कोई श्रृंखला नहीं रखी गई है, लेकिन फिर भी वे फाइनल में भिड़ सकते हैं। कुल मिलाकर भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत 18 टेस्ट मैच खेलेगा तथा इनमें से 12 मैच आस्ट्रेलिया , दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ होंगे।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अलावा टेस्ट खेलने वाले 12 देश और नीदरलैंड 13 टीमों की वनडे लीग में भी भाग लेंग जो एक मई 2020 से 31 मार्च 2022 तक खेली जाएगी तथा सभी टीमें दो साल के अंदर आपसी सहमित से चुने गए प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ स्वदेश और विदेश के आधार पर आठ श्रृंखलाएं खेलेंगे।
भारत वनडे लीग की अपनी पहली श्रृंखला के लिए जून 2020 में श्रीलंका का दौरा करेगा। यह लीग 2023 विश्व कप के लिए क्वालीफायर का काम करेगी। मेजबान भारत और 31 मार्च 2022 तक वनडे लीग में शीर्ष सात स्थानों पर रहने वाली टीमें विश्व कप 2023 के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगी जबकि आखिरी पांच स्थानों पर रहने वाली टीमों के लिए आईसीसी विश्व कप क्वालीफायर के जरिए दूसरा मौका मिलेगा। (भाषा)