rashifal-2026

किसी भी दूसरे कीटाणुओं से ज्यादा लोगों को मारता है टीबी

Webdunia
मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017 (11:46 IST)
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार किसी दूसरे संक्रामक रोग की तुलना में टीबी सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है। पिछले साल टीबी के कारण 17 लाख लोगों की जान गयी।
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार किसी दूसरे संक्रामक रोग की तुलना में टीबी सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है। पिछले साल टीबी के कारण 17 लाख लोगों की जान गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को जारी बयान में कहा है कि 2016 में टीबी से 17 लाख बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की मौत हुई। विश्व संगठन के अनुसार पिछले साल फेफड़े की बीमारी के 1 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आए। यह जानकारी विश्व टीबी रिपोर्ट के ताजा संस्करण में दी गयी है।
 
विश्व स्वस्थ्य संगठन ने कहा है कि हालांकि 2015 के मुकाबले टीबी से होने वाली मौतों में 4 प्रतिशत की कमी हुई है लेकिन योजनानुसार 2030 तक उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए देशों को और सक्रियता से उसके खिलाफ संघर्ष करना होगा। जिन देशों में टीबी के मामले ज्यादा है उनमें मुख्य रूप से बीमारी का पता लगाने की संरचना और इलाज करने की सुविधाओं का अभाव है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार लगभग दो तिहाई मामले सात देशों में होते हैं। भारत, इंडोनेशिया और चीन, फिलीपींस, पाकिस्तान, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश इससे गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
 
राहत संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने इस बात की आलोचना की है कि तथाकथित प्रतिरोधक टीबी के खिलाफ दो नयी दवाओं के इस्तेमाल में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है। ये दोनों दवाइयां बेडाक्विलिन और डेलामेनिड पांच साल से बाजार में उलब्ध हैं और उनकी मदद से जिंदगियां बचायी जा सकती हैं।
 
इसके बावजूद जिन लोगों को इन दवाओं की जरूरत है उनमें सिर्फ पांच प्रतिशत को सचमुच ये दवाएं मिली हैं। डॉक्टरों के संगठन का कहना है कि 2016 में एक साल पहले के मुकाबले दवा की आपूर्ति की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रतिरोधी टीबी के मामलों में अब तक महत्वपूर्ण समझी जाने वाली दवाएं या तो काम नहीं करती या उनका बहुत कम असर होता है।
 
- एमजे/एके (ईपीडी)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरूर पढ़ें

लाखों भारतीय ट्रंप के H-1B visa बम से सीधे प्रभावित होंगे

बिहार : क्या फिर महिलाओं के भरोसे हैं नीतीश कुमार

भारत को रूस से दूर करने के लिए यूरोपीय संघ की नई रणनीति

इसराइल पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध का जर्मनी समर्थन करेगा?

भारतीय छात्रों को शेंगेन वीजा मिलने में क्या मुश्किलें हैं

सभी देखें

समाचार

Union Budget 2026-27 : क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी सस्ती, निर्मला सीतारमण के बजट में ऑटो सेक्टर को क्या मिला

Budget 2026 : गैस सिलेंडर और राशन पर क्या मिला? आम आदमी की जेब पर कितना असर?

योगी ने फिर चेताया, विभाजनकारी ताकतें बांटेंगी, लेकिन उन्हें सिर नहीं उठाने देना है

अगला लेख