Dharma Sangrah

होली पर समझें, वृक्षों की वेदना

Webdunia
संजय वर्मा "दृष्टि‍" 
वसंत के आगमन पर वृक्षों की पत्तियां, इस मौसम के अभिवादन के लिए जमीन पर बिछ जाती हैं। वहीं टेसू के फूल भी खिलने लगते हैं। सूखे पहाड़ों पर बिना पत्ती के वृक्ष अपनी वेदना आखि‍र किसे बताएं ?


 

बारिश होगी तभी इन वृक्षों पर हरियाली अपना डेरा जमा सकेगी। बस इन्हें इंसान काटे ना। क्योंकि होली के लिए चोरी से ऐसे वृक्षों को बेजान समझकर बगैर अनुमति, लोग काटने का प्रयत्न करने की फि‍राक में रहते हैं। वृक्षों से ही जंगल, पहाड़ों की सुंदरता है। वृक्ष ही इंसान के मददगार एवं अंतिम पड़ाव तक के साथी होते हैं। यही वृक्ष पशु-पक्षियों को भी आसरा प्रदान करते हैं। अत: बिना पत्तियों के वृक्षों को बेजान समझकर होली के लिए ना काटें।
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