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Lohri Geet: लोहड़ी में गाए जाते हैं ये 5 गीत

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lohri punjabi geet: लोहड़ी पंजाबी संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जो खासकर उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से आग के चारों ओर नाचने और गाने की परंपरा है। लोहड़ी के दौरान कई पारंपरिक गीत गाए जाते हैं, जो इस पर्व की खुशी और उल्लास को दर्शाते हैं। यहां पर लोहड़ी के दौरान गाए जाने वाले 5 प्रमुख गीत प्रस्तुत किए जा रहे हैं:ALSO READ: Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा
 
लोहड़ी गीत: 
 
* सुंदर मुंदरिए गीत
 
सुंदर मुंदरीए होए
तेरा कौन बचारा होए
दुल्ला भट्टी वाला होए
तेरा कौन बचारा होए
दुल्ला भट्टी वाला होए
दुल्ले धी ब्याही होए
सेर शक्कर पाई होए
कुड़ी दे लेखे लाई होए
घर घर पवे बधाई होए
कुड़ी दा लाल पटाका होए
कुड़ी दा शालू पाटा होए
शालू कौन समेटे होए
अल्ला भट्टी भेजे होए
चाचे चूरी कुट्टी होए
ज़िमींदारां लुट्टी होए
दुल्ले घोड़ दुड़ाए होए
ज़िमींदारां सदाए होए
विच्च पंचायत बिठाए होए
जिन जिन पोले लाई होए
सी इक पोला रह गया
सिपाही फड़ के ले गया
आखो मुंडेयो टाणा टाणा
मकई दा दाणा दाणा
फकीर दी झोली पाणा पाणा
असां थाणे नहीं जाणा जाणा
सिपाही बड्डी खाणा खाणा
अग्गे आप्पे रब्ब स्याणा स्याणा
यारो अग्ग सेक के जाणा जाणा
लोहड़ी दियां सबनां नूं बधाइयां...।
 
* लोहड़ी मांगने का गीत: 'दे माई पाथी तेरा पुत्त चड़ेगा हाथी' 
 
'पा नी माई पाथी तेरा पुत्त चड़ेगा हाथी 
हाथी उत्ते जौं तेरे पुत्त पोत्रे नौ! 
नौंवां नौं वां दी कमाई तेरी झोली विच पाई 
टेर नी मां टेर नी 
लाल चरखा फेर नी! 
बुड्ढी सांस लैंदी है 
उत्तों रात पैंदी है 
अन्दर बट्टे ना खड्काओ 
सान्नू दूरों ना डराओ! 
चारक दाने खिल्लां दे 
पाथी लैके हिल्लांगे कोठे 
उत्ते मोर सान्नू 
पाथी देके तोर!
 
* शादी के बाद पहली लोहड़ी का गीत 
 
आया लोहड़ी दा त्योहार, 
हो आया... 
खुशियां खूब मनाओ यार,
नच्चो-गावों वंडो प्यार, 
मुड़-मुड़ आवे ऐसा वार, 
कि आया लोहड़ी दा त्योहार, 
हो आया...
 
मुंडा वोटी लैके आया, 
सोणी वोटी लैके आया, 
खुशियां खूब मनाओ यार, 
नच्चो – गावो वंडो प्यार, 
कि आया लोहड़ी दा त्योहार, 
हो आया...
 
कुड़ी नूं मस्त दूल्हा मिलया, 
सोणा-सोणा दूल्हा मिलया, 
खुशियां खूब मनाओ यार, 
नच्चो गावो वंडो प्यार, 
कि आया लोहड़ी दा त्योहार,
हो आया...
 
मुंडा–कुड़ी सदा सुख पावन, 
तरक्की करन ते वधते जावन, 
जल्दी सोणा पुत्तर आवे
कि आया लोहड़ी दा त्योहार,
हो आया...
 
उपरोक्त गीतों के अलावा लोहड़ी पर निम्न गीत भी गाएं जाते हैं। 
 
* 'ईशर आए दलिदर जाए, दलिदर दी जड चूल्हे पाए' 
 
* 'दे माई लोहड़ी, तेरी जीवे जोड़ी', 
 
रात में अग्नि में तिल डालते हुए और गीत गाते हुए सबके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती हैं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: भोगी पंडिगाई पर किस देवता की होती है पूजा?

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