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मप्र में किसानों का आंदोलन जारी, सब्जियों और दूध की आपूर्ति प्रभावित

Webdunia
शनिवार, 3 जून 2017 (10:52 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में महाराष्ट्र की सीमा से लगे पश्चिमी हिस्सों के साथ ही मालवांचल में पिछले 3 दिनों से जारी किसानों के आंदोलन के मद्देनजर संबंधित जिला प्रशासनों को और अधिक सतर्क रहने के साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य के धार, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, आगर मालवा, शाजापुर और मालवांचल के अन्य जिलों में पिछले 3 दिनों से किसानों के आंदोलन के बीच कुछ स्थानों पर सड़क पर दूध बहाने और सब्जियों की आपूर्ति रोकने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। 
 
आंदोलन के दौरान ही कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें भी हुई हैं। राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संबंधित जिला प्रशासन से ऐहतियातन सभी आवश्यक उपाय करने तथा कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए और अधिक सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
 
राजगढ़ जिले के ब्यावरा में शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने कुछ दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया। इसके चलते व्यापारियों और आंदोलनकारियों के बीच झड़प की नौबत आ गई और पुलिस प्रशासन ने अश्रुगैस के गोले छोड़कर तथा हल्का बलप्रयोग करके स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस प्रशासन अब और मुस्तैदी से जुटा है। धार जिले के सरदारपुर में भी स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। वहां शुक्रवार को कुछ वाहनों में आगजनी की गई थी। उज्जैन में भी आंदोलन का असर दिखाई दिया है।
 
इंदौर शहर में तीसरे दिन शनिवार को दूध, फल और सब्जी तुलनात्मक रूप से महंगे दामों पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार को यहां पर आंदोलन के दौरान कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास करने के दौरान 30 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। शहर में ऐहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल के साथ ही त्वरित कार्य बल (आरएएफ) के 80 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
 
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) अजयदेव शर्मा के अनुसार संपूर्ण शहर में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को समन्वय कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया हैं। 
 
सांची पार्लरों के माध्यम से दुग्ध विक्रय का कार्य किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों और फल, सब्जी विक्रताओं को हेल्पलाइन नंबर मुहैया करवाकर उन्हें पुलिस सुरक्षा में खाद्य सामग्री के विक्रय करने की अपील की गई है। प्रशासन द्वारा फल, सब्जी और दूध के विक्रय की वैकल्पिक व्यवस्था कराए जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
 
इस बीच पुलिस सूत्रों ने कहा कि किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर शहर के सभी पुलिस थाने सचेत हो गए हैं। चोइथराम सब्जी मंडी, लसूड़िया, द्वारकापुरी, सांवेर क्षेत्रों में पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को उग्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हल्का बल प्रयोग स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रो में 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। 
 
किसानों की ओर से इंदौर में विरोध प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व कर रहे भारतीय किसान सेना के जगदीश रावलिया ने बताया कि वे पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार 1 से 10 जून तक लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। फल, सब्जी और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े किसानों को न्यूनतम निर्धारित मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करवाने की मुख्य मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है, साथ ही चना, गेहूं, सोयाबीन और समस्त दालों का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग भी की जा रही है। 
 
इंदौर और मालवांचल में इस आंदोलन के कारण दुग्ध प्रदाय के साथ ही फल और सब्जी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इनके रेट बढ़ गए हैं। आंदोलनकारी दूध और सब्जियां आदि मंडियों और लोगों के पास नहीं पहुंचने दे रहे हैं। आंदोलन के पहले दिन रतलाम और कुछ अन्य क्षेत्रों में सड़कों पर कई हजार लीटर दूध बहा दिया गया था।
 
इस बीच राजधानी भोपाल में शनिवार से सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन फल, सब्जियां और दूध की आपूर्ति निरंतर बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय में जुटा है। यहां पहुंची खबरों के अनुसार इस आंदोलन के कारण फिलहाल राज्य का मालवांचल ही प्रभावित है। फिलहाल राज्य के अन्य हिस्सों से आंदोलन संबंधी सूचनाएं नहीं हैं। (वार्ता)
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