rashifal-2026

महाभारत काल में किन देवों की होती थी पूजा?

अनिरुद्ध जोशी
रामायण और महाभारत काल में भी मंदिर होते थे। इस बात के कई प्रमाण मिल जाएंगे। रामायण काल में मंदिर होते थे, इसके प्रमाण हैं। राम का काल आज से 7129 वर्ष पूर्व था अर्थात 5114 ईस्वी पूर्व। राम ने रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना की थी। इसका मतलब यह कि उनके काल से ही शिवलिंग की पूजा की परंपरा रही है। राम के काल में सीता द्वारा गौरी पूजा करना इस बात का सबूत है कि उस काल में देवी-देवताओं की पूजा का महत्व था और उनके घर से अलग पूजास्‍थल होते थे। आओ जानते हैं कि महाभारत काल में किन देवी और देवताओं की पूजा होती थी।
 
 
1. महाभारत काल में श्रीकृष्ण जिन गोपियों का वस्त्र हरण करते हैं वे सभी गोपियां गांव से दूर यमुना तट पर माता कात्यायिनी के मंदिर में माता की पूजा के पूर्व स्नान करने जाती है। वस्त्र हरण और स्नान करने की यह घटना तब घटी थी जब श्रीकृष्ण की उम्र मात्र 6 वर्ष की थी।
 
2. महाभारत में दो और घटनाओं में कृष्ण के साथ रुक्मणि और अर्जुन के साथ सुभद्रा के भागने के समय दोनों ही नायिकाओं द्वारा देवी पूजा के लिए वन में स्थित गौरी माता (माता पार्वती) के मंदिर की चर्चा है। 
 
3. कुरुक्षेत्र के युद्ध की शुरुआत के पूर्व भी कृष्ण पांडवों के साथ गौरी माता के स्थल पर जाकर उनसे विजयी होने की प्रार्थना करते हैं। अर्जुन माता दुर्गा की उपासना करके उनसे विजयी होने का आशीर्वाद लेता है।
 
4. गौरी माता के अलावा महाभारत काल में इंद्रदेव की पूजा कर खास प्रचलन था। भगवान श्रीकृष्‍ण ने उनकी पूजा करने को बंद करवा दिया था। 
 
5. महाभारत काल में माता गौरी, शिव और इंद्र के अलावा विष्णु, लक्ष्मी, सूर्य, यक्ष, नाग और भैरव पूजा का भी प्रचलन था।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

जानिए 3 रहस्यमयी बातें: कब से हो रही है शुरू गुप्त नवरात्रि और इसका महत्व

खरमास समाप्त, मांगलिक कार्य प्रारंभ, जानिए विवाह और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त

मनचाहा फल पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये 5 अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर

हिंदू नववर्ष पर प्रारंभ हो रहा है रौद्र संवत्सर, 5 बातों को लेकर रहे सावधान

सावधान! सच होने वाली है भविष्यवाणी, शनि के कारण कई देशों का बदलने वाला है भूगोल, भयानक होगा युद्ध?

सभी देखें

धर्म संसार

20 January Birthday: आपको 20 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

गुप्त नवरात्रि की खास साधना और पूजा विधि, जानें जरूरी नियम और सावधानियां

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 20 जनवरी 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

मकर राशि में बना बुधादित्य और लक्ष्मी योग, इन 3 राशियों पर बरसेगा अचानक धन

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि की दस महाविद्याएं और उनका महत्व

अगला लेख