Hanuman Chalisa

सूर्य उपासना का पवित्र दिन है मकर संक्रांति, आइए जानें कैसे करें प्रसन्न सूर्य देव को

Webdunia
सूर्यदेव को सभी नौ ग्रहों में सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य न्याय के देवता शनि देव के पिता हैं। सूर्य देव किसी भी जातक को सरकारी नौकरी दिलाने में अहम योगदान करते हैं साथ ही किसी भी व्यक्ति के जीवन में यश का कारक भी सूर्य ही हैं।  
 
जिस जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह शुभ स्थिति में होता है वह उच्चपद प्राप्त करता है।
 
साथ ही सूर्य के प्रभाव से उसकी ख्याति और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है। सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी ग्रह भी हैं। सूर्य की दशा 6 वर्ष के लिए होती है। सूर्य का रत्न माणिक्य है।
 
सूर्य की प्रिय वस्तुएं गाय, गुड़, और लाल वस्त्र आदि हैं। तांबा और सोना को सूर्य की प्रिय धातु माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, यह अत्यंत शुभ फलदायक साबित होते हैं।
 
शास्त्रों में सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए मकर संक्रांति का दिन सबसे उत्तम माना गया है। मकर संक्रांति के दिन गेहूं और गुड़ गाय को खिलाने या किसी ब्राह्मण को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है साथ ही सूर्य मजबूत होता है।
 
विष्णु पुराण के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को आक का एक फूल श्रद्धा पूर्वक अर्पित करने से मनुष्य को 10 अशर्फियां दान का फल मिलता है। इतना ही नहीं इस फूल को नियमित चढ़ाने से व्यक्ति करोड़पति बन सकता है। 
 
भगवान सूर्य को खुश करने के लिए रात के समय कदंब और मुकुल के फूल अर्पित करना श्रेयस्कर माना जाता है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए बेला का फूल ही एक ऐसा फूल है जिसे दिन या रात किसी वक्त चढ़ा सकते हैं।
 
इसके अलावा कुछ फूल ऐसे भी हैं, जिसे सूर्य देव को कदापि नहीं चढ़ाना चाहिए। ये पुष्प हैं गुंजा, धतूरा, अपराजिता और तगर आदि। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख