Hanuman Chalisa

मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव मनाए जाने की क्या है कथा?

WD Feature Desk
मंगलवार, 13 जनवरी 2026 (16:59 IST)
मकर संक्रांति पर देशभर में पंतंग उड़ाने की परंपरा है। इसीलिए इसे पतंग उत्सव भी कहते हैं।  मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा के पीछे कोई एक लिखित पौराणिक कथा तो नहीं है, लेकिन इसके साथ कई धार्मिक मान्यताएं, ऐतिहासिक प्रसंग जुड़े हुए हैं।  यहाँ उन 2 कथाओं के बारे में बताया गया है जो हिंदू शस्त्रों में मिलती है।
ALSO READ: पतंग उत्सव कब से मनाया जा रहा है, जानिए इसका प्राचीन इतिहास
1. प्रभु श्री राम और इंद्रलोक की कथा
सबसे प्रचलित लोककथा भगवान श्री राम से जुड़ी है। 'तुलसीदास' जी की रामचरितमानस और कुछ अन्य क्षेत्रीय रामायणों (जैसे तमिळ की कंबन रामायण) के अनुसार:
 
मकर संक्रांति के दिन प्रभु श्री राम ने पहली बार पतंग उड़ाई थी। वह पतंग उड़ते हुए इंद्रलोक तक जा पहुँची थी। इंद्र के पुत्र जयंत की पत्नी ने उस सुंदर पतंग को पकड़ लिया और सोचा कि इसे उड़ाने वाला कितना सुंदर होगा।
 
जब पतंग वापस नहीं आई, तो राम जी ने हनुमान जी को उसे लाने भेजा। हनुमान जी ने वहां जाकर बताया कि यह पतंग प्रभु राम की है। तब जयंत की पत्नी ने इस शर्त पर पतंग वापस की कि वह प्रभु के दर्शन करना चाहती हैं।
 
माना जाता है कि तभी से मकर संक्रांति पर खुशी और उत्साह के प्रतीक के रूप में पतंग उड़ाने की परंपरा शुरू हुई।
ALSO READ: Kite Festival 2026: मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव मनाए जाने की 10 रोचक बातें
2. भीष्म पितामह और उत्तरायण
महाभारत काल में भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण (मकर संक्रांति) होने तक अपनी मृत्यु को रोक कर रखा था। उत्तरायण को 'देवताओं का दिन' और मोक्ष का द्वार माना जाता है। आकाश की ओर ऊंची उड़ती हुई पतंगें, आत्मा के परमात्मा की ओर जाने और ऊँचाइयों को छूने के संकल्प का प्रतीक मानी जाती हैं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

चंद्र ग्रहण के दिन भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण? जानिए पूरी लिस्ट

काशी में होली की अनोखी शुरुआत: मसान होली सहित जानिए 5 चौंकाने वाली परंपराएं

सभी देखें

धर्म संसार

Rangpanchami 2026: रंगपंचमी कैसे मनाएं, जानिए 5 खास बातें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 मार्च, 2026)

05 March Birthday: आपको 5 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 5 मार्च 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

अगला लेख