Hanuman Chalisa

शब्द प्रवाह ने किया साहित्यकारों का सम्मान

Webdunia
उज्जैन। साहित्यिक संस्था शब्द प्रवाह साहित्य मंच उज्जैन द्वारा षष्ठम् अखिल भारतीय पुरस्कार एवं सम्मान 22 मार्च को कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किए गए। 
शब्द प्रवाह के संपादक संदीप सृजन एवं डॉ. राजेश रावल ने जानकारी देते हुए बताया की आयोजन में विक्रम विवि के पूर्व कुलपति डॉ. रामराजेश मिश्र की अध्यक्षता में कुलानुशासक डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा, अंतरराष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन एवं शोध केंद्र चेन्नई के निदेशक डॉ. दिलीप धींग, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सतिंदर कौर सलूजा ने साहित्यकारों को सम्मानित किया।
 
आयोजन में साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए परमानंद शर्मा उज्जैन को शब्द साधक सम्मान एवं डॉ इकबाल बशर देवास को श्रीमती सरस्वती सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही साहित्य की विभिन्न विधाओं पर प्राप्त हुई पुस्तकों में से हिन्दी कविता के क्षेत्र में डॉ. मृदुला झा (मुंगेर, बिहार) की कृति "सतरंगी यादों का कारवाँ", लधुकथा के लिए श्रीमती ज्योति जैन (इंदौर) की कृति "बिजूका" एवं व्यंग्य के लिए सदाशिव कौतुक (इंदौर) की कृति "भगवान दिल्ली में" को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। 
 
इस अवसर पर "गजल के तत्व एवं सिद्धांत" विषय पर डॉ. इकबाल बशर का विशेष उद्बोधन हुआ तथा कोमल वाधवानी प्रेरणा की पुस्तक "कदम कदम पर", अशोक शर्मा मृदुल की पुस्तक "मृदुल का गुलदस्ता" व शब्द प्रवाह का विमोचन भी हुआ। 
 
आयोजन का मंगलाचरण आचार्य राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने किया, सरस्वती वंदना प. अरविंद सनन ने की, स्वागत उद्बोधन शब्द प्रवाह के संपादक संदीप सृजन ने दिया। सम्मानित साहित्यकारों का परिचय कमलेश व्यास कमल ने दिया। संचालन डॉ. सुरेन्द्र मीणा ने किया, आभार डॉ राजेश रावल ने माना।

Show comments
सभी देखें

जरूर पढ़ें

क्या मस्क बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति?

भारत में अब भी कैसे जारी है हर दिन 16 महिलाओं की दहेज हत्या?

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

सभी देखें

समाचार

दिल्ली में अचानक आया आंधी-तूफान, Air India के 3 विमान हुए क्षतिग्रस्‍त, IGI एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप गंतव्य बनाने की तैयारी, नई स्टार्टअप नीति-2026 पर मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा

यूपी में 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' बनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी