-प्रियंका कौशल जिंदगी कितनी कांटों से भरी होती है, उनसे पूछो जिनकी मां नहीं होती है। कैसे चलते होंगे वे गैरों की अंगुलियां थामकर, जिंदगी जिनकी दूसरों की रहनुमा होती है। खुद गीले में सो, हमें सूखे में सुलाने वाली, वह मां तो खुद ईश्वर का रूप...