Motivation Tips : कोरोना वायरस और इसके डर से कैसे बचें, जानिए

अनिरुद्ध जोशी
कोरोनाकाल के दौरान लोगों में निराशा, हताशा और भय के साथ ही मन में नकारात्मक अर्थात निगे‍टिव सोच का जन्म भी हो चला है। हालांकि इस बीच कई लोग बेखौफ घूम रहे हैं और लापरवाही की तो हद हो चली है। कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के दौर में लोग ना मास्क लगा रहे हैं और ना सोशल डिस्टेंसिंग रख रहे हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना वायरस और उसके डर से कैसे बचें।
 
 
1. निगे‍टिव खबरों और नुस्खों से दूर रहें : सोशल मीडिया पर ज्ञान बांटने वाले और नेगेटिविटी फैलाने वाले हजारों लोग हैं। सबसे पहले तो आप इसका उपयोग बंद करके ऑथेंटिक सोर्स पर ही ध्यान दें। महामारी के क्या नुकसान होते हैं इस पर ध्यान ना देकर समाधान पर ध्यान दें। कंफ्यूजन में ना रहें। फोन पर ज्यादा लोगों से बात ना करें। सिर्फ उन्हीं से बात करें तो आपको मोटिवेट करते हैं या जिनके विचार सकारात्मक हैं। निगेटिव लोगों के फोन अटैंड ही ना करें।
 
2. भय से भरे हैं अस्पताल और कर रहे हैं लोग मूर्खता : कोरोना वायरस की महामारी को लेकर लोगों में भय की सीमा चरम पर है। यही कारण है कि जो लोग घर पर ही रहकर ठीक हो सकते हैं वे भी अस्पताल की ओर भाग रहे हैं और कई लोग तो ऐसे हैं कि अस्पताल के डर के चलते खुद ही घर पर इलाज करने की मूर्खता कर रहे हैं। यह समझना जरूरी है कि सही समय पर डॉक्टर की सलाह पर इलाज प्रारंभ होने पर जल्दी ठीक हुआ जा सकता है। हल्के से भी लक्षण लगे तो उसे सामान्य बुखार या सर्दी-खांसी ना समझें और तुरंत ही खुद को घर में आइसोलेट करके डॉक्टर की सलाह से इलाज प्रारंभ कर दें।
 
 
3. महामारी का इलाज है परंतु भय का कोई इलाज नहीं : डॉक्टर मानते हैं कि भय और चिंता से आपका इम्युनिटी सिस्टम गड़बड़ा जाता है। कोरोना काल में सबसे जरूरी है इम्युनिटी पावर को बढ़ाना। यदि आप भय और चिंता से घिरे रहेंगे तो इम्युनिटी बूस्टर लेने का कोई फायदा नहीं होगा। तनाव आपकी (आंतरिक) शक्ति और आत्मा की आवाज को दबा देता है। इसलिए इसे समझें और इससे दूर रहें। मन को मनोरंजन और रिश्तों में संवाद में लगाएं।
 
 
4. नींद और कसरत : भरपूर नींद और कसरत आपके दिमाग और मन को शक्ति ही प्रदान नहीं करते हैं बल्कि इम्युनिटी पावर भी डेवलप करते हैं। हमारी नींद सबसे बड़ी डॉक्टर है। चिंता और भय से घिरे मनुष्य की नींद कम हो जाती है। इसलिए जब भी सोने का मौका मिले जरूर सो जाएंगे भले ही झपकी लें लें। झपकी में वह क्षमता है जो 8 घंटे की नींद में भी नहीं है।
 
5. उत्तम भोजन करें : यदि आपको हल्के लक्षण है तो तुरंत ही खुद को घर में आइसोलेट करके नारियल पानी, संतरे, मौसंबी या हल्दी का ज्यूस या गुनगुने पानी में नींबू रस मिलाकर पीते रहें। च्यवनप्राश खाते रहें। नमक के गरारे करें और भाप लेते रहें। सुगंध और स्वाद है तो डरने की जरूरत नहीं। डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज प्रारंभ कर दें। रिपोर्ट आने का इंतजार ना करें। घर पर ही ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें। मकरासन करेंगे तो ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रहेगा।
 
 
6. कोरोना वायरस को समझें : यह कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है। जिन्हें भी हुआ है वह ठीक हो गया है। जिन्होंने बगैर डरे समय पर जांच कराकर अपना इलाज प्रारंभ कर दिया है वह जल्द ही ठीक हो गया है। कोरोना से संक्रमित वही लोग हो रहे हैं जो गाइडलाइन को फालो नहीं कर रहे हैं। जहां तक सवाल डॉक्टर, नर्स, पैथोलॉजिस्ट, सफाईकर्मी, पुलिस और अन्य कोरोना वॉरियर का है तो वे आपकी सेवा करते हुए ही संक्रमित हुए हैं और उनमें से अधिकतर ठीक भी हो गए हैं। इसलिए डरे नहीं समझे, दो गज दूरी बनाकर रखें, मॉस्क लगाएं और समय-समय पर हाथ धोएं। यदि आप उपरोक्त नियमों का पालन करते हैं तो आपको कोरोना कभी नहीं होगा। आज नहीं तो कल यह वक्त भी गुजर जाएगा। जीतेगा वही जो अपने मन की शक्ति को बढ़ाएगा।

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