भाजपा में टिकट पर टेंशन, ये सांसद भी टिकट की दौड़ में शामिल

विशेष प्रतिनिधि

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018 (00:02 IST)
भोपाल। भाजपा इस बार 200 पार को लेकर लगातार टिकटों के मंथन में जुटी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में लगातार बैठकों का दौर जारी है। प्रदेश में इस बार भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती एंटी इनकमबेंसी से निपटना है।
 
संघ ने पहले ही पार्टी को एक तिहाई विधायकों यानि 80 विधायकों के टिकट काटने को कहा है। इसके बाद पार्टी में टिकट को लेकर टेंशन बढ़ गया है। इस बीच वर्तमान और पूर्व सांसद भी टिकट की दौड़ में शामिल हो गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सांसदों के विधायक के लिए टिकट की दौड़ में शामिल होना सियासी गलियारों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
 
टिकट के दावेदार बीजेपी सांसद : राव उदय प्रताप- होशंगाबाद से बीजेपी सांसद राव उदय प्रताप इस बार विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। सूत्र बताते है कि राव उदय प्रताप ने संगठन के समाने अपनी दावेदारी भी जता दी है।
 
नंद कुमार सिंह चौहान - भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नंदकुमार सिंह चौहान भी टिकट की दौड़ में है। नंदकुमार प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद बुरहानपुर में काफी सक्रिय है।
 
नागेंद्र सिंह- खजुराहो सांसद भी चुनाव लड़ने की दौड़ में है। नागेंद्र सिंह नागौद से टिकट की मांग कर रहे हैं। पिछले चुनाव में नागेंद्र सिंह के बेटे गागनेंद्र सिंह को कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह ने हरा दिया था। 
 
अनूप मिश्रा- पार्टी के दिग्गज नेता और मुरैना सांसद अनूप मिश्रा भी चुनाव लड़ने की दौड़ में है। सांसद जी पिछले कई दिनों से पार्टी कार्यालय में टिकट के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
 
जर्नादन मिश्रा- रीवा सांसद भी चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल है। जर्नादन मिश्रा को पार्टी रीवा की सेमरिया से चुनाव मैदान में उतार सकती है।
 
ज्ञानसिंह - शहडोल से सांसद ज्ञानसिंह भी चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल है।
 
गणेश सिंह - सतना सांसद गणेश सिंह भी चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल है।
 
आलोक संजर - भोपाल सांसद आलोक संजर भोपाल मध्य से चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल है। इस सीट से वर्तमान विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह के टिकट पर तलवार लटक रही है। सुरेंद्र नाथ सिंह को पार्टी ने अभी भोपाल जिले की कमान सौंप रखी है।
 
फग्गन सिंह कुलस्ते - मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल है। आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए पार्टी इनको चुनावी मैदान में उतार सकती है।
 
चितांमण मालवीय - अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले चिंतामणि मालवीय को पार्टी  घट्टिया  सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है।

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