Dharma Sangrah

कालसर्प दोष से पीड़ित हैं तो घबराएं नहीं, बस नाग पंचमी के दिन करें यह प्रार्थना

पं. प्रणयन एम. पाठक
कालसर्प दोष से पीड़ित हैं तो नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा को दूध से स्नान करवाएं। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर गंध, पुष्प, धूप व दीप से पूजन करें तथा सफेद मिठाई का भोग लगाएं। तत्पश्चात यह प्रार्थना करें-
 
सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।।
 
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।
 
प्रार्थना के बाद नाग गायत्री का जप करें-
 
ॐ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।
 
इसके पश्चात सर्प सूक्त का पाठ करें-
 
ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
पृथिव्यांचैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
ग्रामे वा यदिवारण्ये ये सर्पा प्रचरन्ति च।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
समुद्रतीरे ये सर्पा ये सर्पा जलवासिन:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
रसातलेषु या सर्पा: अनन्तादि महाबला:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
 
इस प्रकार पूजन करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं।
 
नाग पंचमी पर नाग देवताओं में प्रमुख माने जाने वाले नाग देवताओं का स्मरण करना चाहिए। नाग देवताओं के पवित्र स्मरण के साथ ही दिन का आरंभ करना चाहिए। विशेषकर जब प्रत्यक्ष नाग देवता की पूजन कर रहे हों, तब इनका नाम लेना शुभ होता है, साथ ही इससे कालसर्प योग में भी राहत मिलती है।

ALSO READ: कब लगता है कालसर्प योग, जानिए इस पीड़ा से मुक्ति के लिए पढ़ें कौन-सा मंत्र

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Rangpanchami 2026: रंगपंचमी कैसे मनाएं, जानिए 5 खास बातें

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का महत्व और कथा

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

शुक्र का गुरु की राशि मीन में गोचर: 12 राशियों की किस्मत बदलेगी, जानिए पूरा राशिफल

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

सभी देखें

धर्म संसार

07 March Birthday: आपको 7 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 7 मार्च 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Meen sankranti 2026: मीन संक्रांति कब है, क्या महत्व है इसका?

Rangpanchami Astrology: रंगपंचमी पर किस रंग से खेलें होली कि जीवन में आए खुशियां, जानें अपनी राशिनुसार

Gudi padwa 2026: गुड़ी पड़वा कब है, क्या महत्व है इसका?

अगला लेख