Biodata Maker

नाग पंचमी पर्व 2019 : कृपया नागदेव को दूध नहीं पिलाएं

Webdunia
श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी के पर्व को लोग बड़ी श्रद्धा और आस्‍था से मनाते आ रहे हैं। इस बार यह पर्व 5 अगस्त सोमवार के दिन आ रहा है। 
 
नागदेव की पूजन विधि
 
नागपंचमी पर्व के इस दिन स्नान करके गोबर से नाग बनाए जाते हैं। मुख्य द्वार के दोनों ओर दूध, दूब, कुशा, चंदन, अक्षत, पुष्प आदि से नागदेव का पूजन किया जाता है। पुराणों के अनुसार दूध से सर्प को स्नान कराने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है। देश के अलग-अलग प्रांतों में नागदेव की अलग-अलग तरह से पूजन संपन्न की जाती है।
 
पूजन सामग्री : नागपंचमी के पर्व पर नागदेव के पूजन बांबी से लाई गई मिट्टी में चने, या गेहूं की धानी, ककड़ी, दूध, अक्षत, हल्दी, कूंकू इत्यादि संपन्न किया जाता है। नाग प्रतिमा का दूध, दही, घृत, मधु का पंचामृत बनाकर स्नान कराना चाहिए। इसके बाद चंदन, गंध से युक्त जल चढ़ाना चाहिए।
 
नागदेव के प्रिय दूध को नहीं पिलाने की अपील
 
सर्प संरक्षण संस्‍थान के संस्थापक मुकेश इंगले द्वारा सर्प को दूध पिलाना गलत बताया गया है। आपके अनुसार सर्प के लिए दूध हानिकारक होता है, जबकि भारतीय पौराणिक परंपराओं के अनुसार वर्षों से नागदेव को लोग दूध पिलाते आ रहे हैं। विगत 2-3 वर्षों से नागदेव को दूध न पिलाने की अपील की जा रही है। इसको कुछ लोग उचित मान रहे हैं तो कई लोगों का कहना है कि इस तरह की नई-नई वैज्ञानिक बातों को लाकर लोगों की श्रद्धा व आस्थाओं के साथ धोखा किया जा रहा है जिससे हमारी भारतीय संस्कृति की परंपराओं को नष्ट करने की योजना है।
 
सपेरों पर रहेगी नजर
 
नागपंचमी के पर्व के दिन शहर की तमाम गलियों में 'सांप को दूध पिलाओ' की आवाजें सुनाई देती थीं, जो कि आजकल सुनाई नहीं देती हैं। प्रशासन द्वारा यह तर्क दिया जाता है कि बड़ी ही बेरहमी व अमानवीय तरीके से सांपों के दांतों व इसके विष को निकालने से इसका असर सर्प के फेफड़ों पर होने से कुछ दिन बाद इनकी मृत्यु हो जाती है और दांत निकालते समय 80 प्रतिशत सर्प मर जाते हैं। इस कारण वन विभाग की टीम द्वारा सपेरों पर सख्ती से नजर रखी जाएगी।
 
घरों में बनती है दाल-बाटी
 
नागपंचमी पर्व की एक पौराणिक मान्यता है कि इस दिन लोग अपने रसोईघरों के चूल्हों पर तवा नहीं रखते हैं। इस कारण पूरे मालवांचल के प्रत्येक घर में दाल-बाटी का अधिक प्रचलन है।
 
नागदेव के पूजन से लाभ
 
नागदेव के पूजन करने व इनके मंत्रों के जाप करने से कभी-कभी घर में सर्प प्रवेश नहीं करता है। नागदेव के मंत्र 'ॐ कुरु कुल्ले हुं फट स्वाहा' के जाप से नागदेव प्रसन्न होते हैं और काटने से मृत्यु नहीं होती है। यदि मृत्यु हो भी जाए तो उसे मुक्ति मिलती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Holika Dahan 2026: कर्ज से हैं परेशान, होली की रात्रि है समाधान, पढ़ें 2 चमत्कारिक उपाय

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

भारत में खाटू श्याम बाबा के 10 बड़े मंदिर, क्या आप जानते हैं 3 मूल मंदिर कहां है?

सभी देखें

धर्म संसार

Holi recipes: रंगों और स्वाद का संगम: होली-धुलेंड़ी पर्व के 5 सबसे बेहतरीन पकवान

Holika Dahan 2026: 02 नहीं 03 मार्च को ही करें होलिका दहन, जानिए शास्त्रमत

श्री विष्णु षोडश नाम स्तोत्र | Shri vishnu shodash naam stotram

Holi Astrology: होली धुलेंडी पर आपके लिए कौन सा रंग रहेगा सबसे भाग्यशाली, जानें अपनी राशि के अनुसार

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

अगला लेख