अमृतसर हादसा : सिद्धू की पत्नी के खिलाफ मामला दायर, रेलवे व पंजाब सरकार को एनएचआरसी का नोटिस

सोमवार, 22 अक्टूबर 2018 (22:20 IST)
अमृतसर/ मुजफ्फरपुर। अमृतसर हादसे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच दशहरा कार्यक्रम के आयोजकों और मुख्य अतिथि नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ बिहार की एक अदालत में सोमवार को एक मामला दायर किया गया, वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने रेलवे और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया।
 
 
अमृतसर में दशहरे के दिन रावणदहन के दौरान करीब 60 लोगों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो गई थी। मृतकों में बिहार के प्रवासी भी शामिल थे। सिद्धू के बचाव में कांग्रेस सांसद सुनील जाखड़ और पंजाब के मंत्री तृप्त राजिंदरसिंह बाजवा आगे आए और उन्होंने घटना के लिए रेल अधिकारियों को दोषी ठहराने का प्रयास किया।
 
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह इसराइल गए हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्थिति की समीक्षा की और उन्हें प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। इस हादसे से नाराज लोगों ने रविवार को पथराव किया था और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प भी हुई थी। वे पटरियों पर बैठ गए थे, जहां दुर्घटना हुई। बाद में उन्हें अधिकारियों द्वारा हटा दिया गया।
 
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने सिंह को बताया कि एक को छोड़कर सभी पीड़ितों की पहचान कर ली गई है। इस घटना के कारण रेलमंत्री पीयूष गोयल अपना दौरा बीच में ही छोड़कर अमेरिका से लौट आए। यहां आने पर गोयल को हादसे से जुड़े घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी गई।
 
इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अमृतसर दुर्घटना को लेकर सोमवार को रेलवे और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया। नोटिस जारी करते हुए आयोग ने कहा कि रेल पटरियों पर लोगों के बैठने को समझदारी भरा काम नहीं कहा जा सकता लेकिन साथ ही इस भयावह घटना के पीछे जिले के अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट है। एनएचआरसी प्रवक्ता ने कहा कि आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से 4 हफ्तों में मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लिया।
 
उधर बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ परिवाद पत्र दायर कर उनके खिलाफ मामला दायर करने का अनुरोध किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी द्वारा परिवाद पत्र दायर किया गया। अदालत ने सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख तय की है।
 
उन्होंने परिवाद पत्र में आरोप लगाया कौर की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम में काफी लोग एकत्रित हुए थे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षा बल भीड़ को रेलवे पटरियों पर से हटाने के बदले कौर की सुरक्षा में लगे थे। हाशमी ने कौर पर गैरजिम्मेदाराना कृत्य करने और कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। सिद्धू का बचाव करते हुए बाजवा ने कहा कि उनकी गलती नहीं थी और उन्होंने इस घटना के लिए रेलवे गेटमैन को दोषी ठहराया। 

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