rashifal-2026

ताइक्वांडो में भी सिद्धहस्त हैं राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी अनंत कुमार हेगड़े

Webdunia
रविवार, 3 सितम्बर 2017 (11:59 IST)
नई दिल्ली। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ संसदीय क्षेत्र से 5वीं बार चुनकर लोकसभा पहुंचे अनंत कुमार हेगड़े राजनीति के साथ ही कोरियाई मार्शल आर्ट ताइक्वांडो में भी सिद्धहस्त हैं। 
 
ग्रामीण विकास में गहरी दिलचस्पी रखने वाले हेगड़े इस दिशा में काम करने वाले एनजीओ 'कदंबा' के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। उन्हें रविवार को हुए मंत्रिपरिषद विस्तार में मोदी सरकार में जगह दी गई है। 'कदंबा' ग्रामीण विकास, ग्रामीण स्वास्थ्य, एसएचजी, ग्रामीण विपणन और अन्य ग्रामीण कल्याण के क्षेत्र में काम करती है।
 
हेगड़े मात्र 28 साल की उम्र में पहली बार 1996 में 11वीं लोकसभा के लिए चुनकर संसद पहुंचे। उसके बाद वे 1998 (12वीं), 2004 (14वीं), 2009 (15वीं) और 2014 (16वीं) लोकसभा के लिए चुनकर संसद पहुंचे। लोकसभा सदस्य के रूप में यह उनका 5वां कार्यकाल है। 
 
हेगड़े विदेश मामलों और मानव संसाधन विकास पर संसद की स्थायी समिति के भी सदस्य हैं। संसद सदस्य के तौर पर अपने विभिन्न कार्यकाल के दौरान वे वित्त, गृह, मानव संसाधन विकास, वाणिज्य, कृषि और विदेश मामलों समेत संसद की विभिन्न स्थायी समितियों के सदस्य रह चुके हैं।
 
हेगड़े का जन्म कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के सिरसी में 20 मई 1968 को हुआ था। उनके पिता का नाम दत्तात्रेय हेगड़े और मां का नाम ललिता हेगड़े है। उनकी पत्नी का नाम श्रीरूपा हेगड़े है। उन्हें 1 पुत्र और 1 पुत्री हैं। उन्होंने कर्नाटक के सिरसी स्थित एमएम आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। वे 4 बार भारतीय मसाला बोर्ड के भी सदस्य रह चुके हैं। (भाषा) 
Show comments

जरूर पढ़ें

गेम की लत ने किया जिंदगी का गेम ओवर, आखिरी टास्‍क के बाद 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं, सुसाइड में लिखी ये बात

संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, अखिलेश यादव ने तुरंत लपककर संभाला, देखें Viral Video

Lok Sabha में नहीं बोले PM मोदी, राहुल गांधी ने कहा- डरे हुए हैं

अपनी जान देकर 20 मासूमों को 'जीवनदान' दे गई आंगनवाड़ी की 'यशोदा', ममता की मिसाल देखकर निकल आएंगे आपके आंसू

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब से शुरू हुई बहस अश्लील टिप्पणियों तक पहुंची, जानें क्या है पूरा विवाद

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: राज्यसभा में PM Modi का संबोधन, दुनिया की चुनौतियों का समाधान है भारत

मेघालय में कोयला खदान मजदूरों के लिए बन गई मौत का कुआं, 10 की मौत

Ola, Uber, Rapido से कैसे सस्ती रहेगी Bharat Taxi, जानिए पूरी जानकारी

उत्तराखंड में विकास योजनाओं के लिए पुष्कर सिंह धामी ने खोला खजाना

अमेरिका से ट्रेड डील पर साइन नहीं,पीएम मोदी ने ट्रंप को क्यों दिया धन्वाद: यशवंत सिन्हा

अगला लेख