Publish Date: Tue, 02 Oct 2018 (07:17 IST)
Updated Date: Tue, 02 Oct 2018 (07:30 IST)
नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय विध्वंसक पार्टी है और यह एक कंपनी के संबंध में निश्चित परिस्थिति के बने रहने और उसके अप्रबंधनीय बनने की स्थिति की अनुमति देकर भारत की अर्थव्यवस्था को तोड़ना चाहती है।
जेटली ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिख कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के वी थॉमस का पत्र साझा करते हुए कहा, 'कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से निजी कंपनी आईएलएंडएफएस को लेकर सरकार के संभावित कदम के बारे में गलत जानकारी फैला रही है।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने ही पार्टी के नेता से कुछ सीखना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस नेता थॉमस के जिस पत्र का हवाला दिया उसमें थॉमस ने आईएलएंडएफएस की समस्या के निस्तारण को लेकर सुझाव दिए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि आईएलएंडएफएस पर 91 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है और केन्द्र सरकार देश के आम नागरिकों के निवेश के पैसे का इस्तेमाल इस कंपनी के लिए प्रोत्साहन पैकेज में करने जा रही है ताकि विदेशी निवेशकों का हित साधा जा सके।
थॉमस का पत्र कानून नहीं है कि उस पर जेटली अमल करें: 'इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज' (आईएलएंडएफएस) के मामले में कांग्रेस सांसद केवी थॉमस के एक पत्र का हवाला देकर वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा सोमवार को राहुल गांधी पर किए गए हमले पर पलटवार करते हुए विपक्षी पार्टी ने कहा कि एक सांसद का पत्र देश का कानून नहीं है जिसका जेटली अनुसरण करें।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'एक बार फिर वित्त मंत्री जिम्मेदारी से बचने, देश की बेशकीमती संपत्ति को बेचने और सांठगांठ वाले लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं जैसे उन्होंने माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी और मेहुल चोकसी के मामलों में किया।' उन्होंने कहा कि एक सांसद का पत्र देश का कानून नहीं है कि वित्त मंत्री उस पर अमल करें। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे 'सरकार की चोरी' को ढकने की छटपटाहट दिखाई देती है।