Publish Date: Wed, 25 Apr 2018 (10:02 IST)
Updated Date: Wed, 25 Apr 2018 (10:17 IST)
जोधपुर। कथावाचक आसाराम पर बलात्कार के मामले में बुधवार को निचली अदालत फैसला सुनाने वाली है जिसके मद्देनजर जेल परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लगाई गई है। इस बीच जेल के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे उनके एक समर्थक को हिरासत में लिया गया है।
आसाराम का एक समर्थक जेल के निकट पहुंचा और उसने उनके पोस्टर पर माला डालने का प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। यह पोस्टर जेल की चारदीवारी के बाहर एक कॉरिडोर की दीवार पर लगा हुआ था, जहां कैदियों के परिवार के सदस्य इंतजार करते हैं। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद समर्थक वहां तक पहुंचने में सफल रहा। आसाराम सेंट्रल जेल में बंद हैं और उस ओर जाने वाली दोनों सड़कों को सील कर दिया गया है तथा केवल मीडियाकर्मियों को जेल के बाहर तक जाने की अनुमति है।
कानून और व्यवस्था को खतरे की आशंका के कारण केंद्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा कड़ी करने और अतिरिक्त बलों को तैनात करने को कहा है। तीनों राज्यों में 77 वर्षीय आसाराम के भारी संख्या में समर्थक हैं और अगर उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें कम से कम 10 साल जेल की सजा सुनाई जाएगी।
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार निचली अदालत बुधवार को जोधपुर सेंट्रल जेल परिसर में अपना फैसला सुनाएगी, जहां पर आसाराम पिछले 4 साल से बंद हैं।
आसाराम पर उत्तरप्रदेश में शाहजहांपुर की एक किशोरी के साथ बलात्कार करने का आरोप है, जो मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा के उनके आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आसाराम ने बलात्कार के आरोपों का खंडन किया है। पीड़िता के शाहजहांपुर स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा कड़ी की गई है। (भाषा)