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पहले अपने गिरेबान में झांके भाजपा : कांग्रेस

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सोमवार, 4 दिसंबर 2017 (18:24 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने उसके अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। 
        
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के यहां पार्टी मुख्यालय में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि जो भाजपा पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संचालित होती है, वह कांग्रेस की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए इससे बड़ा मजाक और कुछ नहीं हो सकता। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का चुनाव कैसे हुआ यह सब जानते हैं। 
       
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गांधी के नामांकन पत्र दाखिल करने पर कहा कि वह पार्टी के प्रिय नेता हैं और वह पार्टी की महान परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, श्रीमती सोनिया गांधी ने 19 वर्ष से पार्टी की सेवा की है और महान परंपराओं को आगे ले जाने की दिशा में यह एक और कदम है।         
       
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जिस पार्टी का आजादी की लड़ाई और लोकतंत्र को मजबूत करने में कोई योगदान नहीं रहा है, वह कांग्रेस जैसी पार्टी को लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई है और गांधी परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे ज्यादा योगदान दिया है। 
     
संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी और उनके पूरे मंत्रिमंडल को राहुल गांधी का 'फोबिया' हो गया है। मोदी पिछले 48 घंटों से गांधी के खिलाफ जिस तरह की ओछी और सस्ती भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं उससे उनकी बौखलाहट का पता चलता है। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह को कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले यह बताना चाहिए कि वह अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ किस तरह का व्यवहार कर रही है और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। 
      
पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस में वंशवाद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में अध्यक्ष पद का चुनाव पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हो रहा है। वंशवाद में कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बाबर के बाद उसके बेटे अकबर और अकबर के बाद शाहजहां तथा शाहजहां के बाद औरंगजेब को शासक की गद्दी मिली इसे वंशवाद कहते हैं। (वार्ता)

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