Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

पश्चिम बंगाल में 2 मंत्रियों के ठिकानों पर ED का छापा, नोट गिनने के लिए मंगाईं मशीनें

हमें फॉलो करें webdunia
शुक्रवार, 22 जुलाई 2022 (21:11 IST)
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को दो मंत्रियों समेत करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर एक साथ छापेमारी की और भारी मात्रा में नकदी जब्त की। केंद्रीय एजेंसी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि रकम कहां से बरामद की गई।
 
एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों ने यहां पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा मारा और शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के संबंध में उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार जिले में एक अन्य मंत्री परेश अधिकारी के घर का भी दौरा किया और उनके परिवार के सदस्यों से बात की। वह (मंत्री) इस समय कोलकाता में हैं।
 
इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा, पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली और नौ अन्य लोगों के घरों पर एक साथ छापे मारे।
 
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उच्च न्यायालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय इस मामले से संबंधित कथित धनशोधन की तफ्तीश में जुटा है।
 
नजर आया नकदी का ढेर : एजेंसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया कि ईडी पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में भर्ती घोटाले से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चला रहा है। एजेंसी ने एक कमरे के अंदर भारी मात्रा में नकदी का ढेर लगे होने की चार तस्वीरें साझा कीं। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि रकम कितनी थी और कहां मिली। यह रकम 20 करोड़ के लगभग बताई जा रही है और इसे गिनने के लिए मशीनें मंगाई गई थीं। 
 
सूत्र ने कहा कि ईडी के कम से कम 7 से 8 अधिकारी सुबह लगभग साढ़े 8 बजे चटर्जी के आवास नकतला पहुंचे और पूर्वाह्न 11 बजे तक छापेमारी की। इस दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी बाहर तैनात रहे। अधिकारियों ने घोटाले के बारे में उनसे 11 घंटे से ज्यादा पूछताछ की।
 
एक सूत्र ने बताया कि एक समय तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बेचैनी की शिकायत की थी, जिसके बाद ईडी के अधिकारियों ने सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टर की एक टीम को बुलाया था। मंत्री के करीबी सूत्र ने कहा कि मंत्री का ईसीजी कराया गया और उनकी हालत स्थिर है। पूछताछ के दौरान ईडी के अधिकारी मंत्री के निजी सहायक के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन भी ले गए।
 
घोटाले के समय शिक्षामंत्री थे चटर्जी : अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी। ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला में चटर्जी के एक करीबी के आवास पर भी छापे मारे गए, हालांकि उन्होंने यह टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि छापेमारी उसी घोटाले की जांच के सिलसिले में थी या नहीं।
 
उन्होंने कहा कि कूचबिहार जिले के मेखलीगंज में अधिकारी के आवास पर छापेमारी करने वाले एजेंसी के अफसरों ने उनकी अनुपस्थिति में उनकी बेटी अंकिता अधिकारी सहित उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। अंकिता ने हाल ही में एक सरकारी स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी नौकरी खो दी थी, जहां उन्हें दो साल पहले एसएससी के माध्यम से नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा इसे ‘अवैध’ पाए जाने के बाद अंकिता को नौकरी गंवानी पड़ी थी।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Reliance Industries का शुद्ध लाभ 46 फीसदी उछलकर 17900 करोड़ के पार