Biodata Maker

पीएफ योजना से एक साल में 1.45 करोड़ से अधिक अंशधारक जुड़े, सरकार ने जारी किए आंकड़े

Webdunia
शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018 (08:54 IST)
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना के तहत सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक 1.45 करोड़ नए अंशधारक जुड़े हैं। सरकार ने संगठित क्षेत्र में रोजगार के आंकड़े बृहस्पतिवार को जारी किए। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय अप्रैल 2018 से संगठित क्षेत्र में रोजगार के आंकड़े जारी कर रहा है।


मंत्रालय इसके लिए उन अंशधारकों की संख्या के बारे में सूचना का उपयोग करता है, जिन्होंने तीन बड़ी योजनाओं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) तथा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का लाभ लिया या उससे जुड़े।

आंकड़ों के अनुसार ईपीएफ से जुड़ने वाले नए अंशधारकों की संख्या सितंबर 2017 से अगस्त 2018 के बीच 1,45,63,864 रही। इसके मुताबिक करीब 91 लाख कर्मचारी भविष्य निधि योजना के दायरे से बाहर हुए। हालांकि ईपीएफओ के दायरे से बाहर होने वाले करीब 18.55 लाख अंशधारकों ने फिर से इस अवधि के दौरान योगदान देना शुरू किया।

मंत्रालय के अनुसार सितंबर 2017 से अगस्त 2018 के बीच एनपीएस के तहत जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या 6,89,385 रही। सरकार मासिक आधार पर ईएसआईसी अंशधारकों की संख्या भी जारी करती है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कर्ज मांगने की कीमत चुकानी पड़ती है, शाहबाज शरीफ का बड़ा कबूलनामा

कंपाउंडर ने कबूला साध्वी प्रेम बाईसा को एक से ज्‍यादा इंजेक्शन दिए थे, लेकिन मौत पर सवाल बरकरार

बलूचिस्तान में BLA का बड़ा हमला, 12 शहरों को बनाया निशाना, 20 पाकिस्‍तानी सैनिकों की मौत

रामलीला के दौरान बड़ा हादसा, राम के तीर से रावण हुआ अंधा, मुकदमा दर्ज

शेयर बाजार के लिए कैसा रहा हफ्ता, बजट तय करेगा आगे की चाल?

सभी देखें

नवीनतम

Stock Market Crash : बजट धमाका या बाजार को झटका, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा, क्या STT बना विलेन, क्यों मचा शेयर बाजार में कोहराम

बजट में नए व विकसित भारत की संकल्पना की स्पष्ट दृष्टि : योगी आदित्यनाथ

Budget 2026 Defence: रक्षा बजट में 1 लाख करोड़ का इजाफा, सेना की बढ़ेगी ताकत

Union Budget 2026-27 : Nirmala Sitharaman का बजट धमाका! 10 बड़े ऐलान जिन्होंने सबको चौंका दिया

Old vs New Tax Regime: बजट 2026 के बाद कौन सी टैक्स व्यवस्था है आपके लिए बेस्ट?

अगला लेख