पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने कहा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों का उचित क्रियान्वयन हो जरूरी
चंद्रचूड़ यहां एक कार्यक्रम से इतर बातचीत में पुणे के स्वारगेट इलाके में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में एक महिला के साथ हुए बलात्कार की घटना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
Safety of women: पुणे बस दुष्कर्म मामले (Pune bus rape case) पर हंगामे के बीच भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ (D.Y. Chandrachud) ने गुरुवार को मुंबई में 2012 के निर्भया कांड (Nirbhaya case) को याद किया और कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को केवल कानून बनाने से नहीं बल्कि उनके उचित कार्यान्वयन से रोका जा सकता है।
चंद्रचूड़ यहां एक कार्यक्रम से इतर बातचीत में पुणे के स्वारगेट इलाके में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में एक महिला के साथ हुए बलात्कार की घटना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। मंगलवार की सुबह राज्य परिवहन की बस के अंदर 26 वर्षीय महिला के साथ हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे (37) ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। गाडे को पकड़ने के लिए पुलिस ने 13 टीमें बनाई हैं।ALSO READ: उत्तराखंड कैबिनेट ने दी नए भू-कानून को मंजूरी, जानिए क्या होगा असर
दिल्ली में 2012 में फिजियोथैरेपी की 23 वर्षीय छात्रा जिसे बाद में निर्भया कहा जाने लगा, के साथ दिल्ली में एक बस में सामूहिक बलात्कार किया गया। बाद में उसने अपने घावों के कारण उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। यह मामला राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था।ALSO READ: महिला उत्पीड़न कानून का हो रहा दुरुपयोग, दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई चिंता
केवल कानून बनाकर ऐसी घटनाओं को नहीं रोक सकते : चंद्रचूड़ ने कहा कि हम केवल कानून बनाकर ऐसी घटनाओं को नहीं रोक सकते। कानून के अलावा, समाज के कंधों पर भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और महिलाओं के लिए बने कानूनों का उचित क्रियान्वयन भी जरूरी है। बड़ी संख्या में महिलाएं काम आदि के लिए जाती हैं। इसलिए उनके लिए बनाए गए कानूनों का उचित क्रियान्वयन किया जाना चाहिए, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें।(भाषा)