Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा- Covid जांचें कम क्यों हुईं? इधर 27000 नए मामले

webdunia
शनिवार, 1 मई 2021 (00:36 IST)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 27000 से अधिक नए मामलों के बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आंकड़े का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय राजधानी की आम आदमी पार्टी की सरकार से सवाल किया कि प्रदेश में कोविड-19 जांच में इतनी कमी क्यों आ गई है? दिल्ली में एक दिन में 375 लोगों की मौत हुई है। 
 
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि पहले जहां जांच की संख्या एक लाख के आसपास थी, वह अब घटकर 70-80 हजार प्रतिदिन हो गई है। पीठ ने कहा कि आपकी जांच में भारी कमी आई है। अदालत ने दिल्ली सरकार से इस बारे में बताने के लिए कहा है।
 
याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अंकुर महेंद्रू ने कहा कि जांच में कोई प्रगति नहीं है और सरकार मोहल्ला क्लीनिक और सचल क्लीनिकों में रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ शुरुआत कर सकती है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए निषिद्ध क्षेत्रों और अस्पतालों में मोबाइल वैन तैनात की जा सकती हैं और ऐसी जांच का इस्तेमाल मरीजों के तिमारदारों द्वारा किया जा सकता है।
 
अदालत ने सरकार से इस पहलू की पड़ताल करने और उसे सोमवार को सूचित करने का निर्देश दिया। दिल्ली सरकार के वकील सत्यकाम ने कहा कि ये ऐसे सुझाव हैं, जिस पर सरकार का प्रतिकूल विचार नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि हम प्रति दिन 70 से 80 हजार जांच कर रहे हैं। हम कर्फ्यू से पहले एक लाख के आसपास जांच कर रहे थे। हम बाजार में जा रहे थे, इसलिए 30 हजार जांच कम हो गईं। 
 
इस बीच, एक ऑक्सीजन रिफिलर 'सेठ एयर' के वकील ने धन की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि उसे ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जो आवंटन किया गया है, वह बहुत अधिक है और उसकी क्षमता से अधिक है। उसने कहा कि वह इतनी आपूर्ति करने में असमर्थ है, इस पर अदालत ने कहा कि इसे दिल्ली सरकार को देखना होगा।
 
दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने कहा कि 'सेठ एयर' का बकाया सरकार द्वारा जल्द मंजूर किया जाएगा ताकि गैस की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

शूटर दादी चंद्रो, जिनका चूकता नहीं था निशाना, कोरोना का निशाना बन गईं...