RG Kar Case: कनिष्ठ चिकित्सकों का आमरण अनशन 15वें दिन भी जारी

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शनिवार, 19 अक्टूबर 2024 (14:54 IST)
RG Kar Case: पश्चिम बंगाल में आरजी कर (RG Kar) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कनिष्ठ चिकित्सकों (junior doctors) का आमरण अनशन शनिवार को 15वें दिन भी जारी है।ALSO READ: CBI ने सुप्रीम कोर्ट को किया सूचित, कोलकाता रेप मर्डर मामले की जांच अत्यंत गंभीरता से जारी
 
6 चिकित्सकों की हालत बिगड़ी : अभी तक अनशन कर रहे 6 चिकित्सकों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल 8 चिकित्सक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और उन्होंने राज्य सरकार से गतिरोध खत्म करने के लिए 21 अक्टूबर तक कदम उठाने की मांग की है।
 
22 अक्टूबर को पूरे राज्य में हड़ताल : एक चिकित्सक ने कहा कि अगर सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो उन्हें 22 अक्टूबर को पूरे राज्य में मजबूरन हड़ताल करनी पड़ेगी। एक कनिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) चर्चा के लिए बैठें और हमारी सभी मांगें पूरी करें। थिएटर जगत की कई हस्तियों ने भी प्रदर्शनरत चिकित्सकों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए शनिवार को सांकेतिक भूख हड़ताल की।ALSO READ: कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर होंगे मनोज वर्मा
 
रविवार को एक विशाल रैली आयोजित करने की योजना : प्रदर्शनकारी चिकित्सकों की अपनी मांगों को लेकर रविवार को एक विशाल रैली भी आयोजित करने की योजना है। उनकी मांगों में स्वास्थ्य सचिव एन.एस. निगम को हटाना भी शामिल है। उनकी अन्य मांगों में राज्य के सभी अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए केंद्रीकृत रेफरल प्रणाली की स्थापना करना, बिस्तर रिक्ति निगरानी प्रणाली का कार्यान्वयन और कार्यस्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना, 'ऑन-कॉल रूम' तथा शौचालय आदि के लिए आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के वास्ते कार्यबल का गठन शामिल हैं।ALSO READ: कोलकाता में सीएनएमसी अस्पताल में चिकित्सक पर हमला, पुलिस ने किया 2 लोगों को गिरफ्तार
 
9 अगस्त को हुई थी महिला चिकित्सक की हत्या : आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त को महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के बाद घटना के विरोध में कनिष्ठ चिकित्सकों ने 'काम बंद' कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने 42 दिनों के बाद 21 सितंबर को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta

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