Publish Date: Mon, 07 Jan 2019 (17:18 IST)
Updated Date: Mon, 07 Jan 2019 (17:22 IST)
नई दिल्ली। लोकसभा ने सोमवार को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2018 में अधिनियम, 2018 शब्द और अंक के स्थान पर अधिनियम, 2019 किए जाने को मंजूरी प्रदान कर दी। राज्यसभा ने 8वीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन वाले विधेयक को गुरुवार को मंजूरी प्रदान की। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को उच्च सदन में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2018 पर चर्चा के जवाब में कहा कि यह राज्यों को तय करना है कि वे नई व्यवस्था अपनाते हैं या नहीं? उन्होंने कहा कि स्कूलों में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को उसी कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों के पास होगा।
जावड़ेकर ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि 5वीं कक्षा के छात्रों को 3री कक्षा का गणित भी नहीं आता, ऐसे में व्यवस्था में बदलाव की बात की जा रही थी। उन्होंने सोमवार को लोकसभा में राज्यसभा द्वारा किए गए उक्त संशोधन पर विचार करने का प्रस्ताव रखा और निम्न सदन ने इसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया। (भाषा)