Publish Date: Fri, 18 Jan 2019 (07:51 IST)
Updated Date: Fri, 18 Jan 2019 (07:54 IST)
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोई युद्ध नहीं हो रहा है फिर भी देश की सीमाओं पर सैनिक शहीद हो रहे हैं। आरएसएस प्रमुख ने नागपुर में प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि ‘हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, ‘भारत को आजादी मिलने से पहले देश के लिए जान कुर्बान करने का वक्त था। आजादी के बाद युद्ध के दौरान किसी को सीमा पर जान कुर्बान करनी होती है। (लेकिन) हमारे देश में (इस वक्त) कोई युद्ध नहीं है फिर भी लोग (सैनिक) शहीद हो रहे हैं...क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा है कि जब किसी के साथ युद्ध नहीं हो रहा है, तो फिर बॉर्डर पर सैनिक शहीद कैसे हो रहे हैं? उन्होंने कहा, ‘अगर कोई युद्ध नहीं है तो कोई कारण नहीं है कि कोई सैनिक सीमा पर अपनी जान गंवाए। लेकिन ऐसा हो रहा है।' उन्होंने कहा कि इसे रोकने और देश को महान बनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
मोहन भागवत का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर जम्मू कश्मीर के संदर्भ में, जहां मोदी सरकार आतंक के सफाये को प्रमुखता से उठाती रही है और अपनी पीठ ठपठपाती रही है, ऐसे में सीमा पर जवानों की शहादत क्यों हो रही है की बहस को जन्म देकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सरकार के दावों पर विपक्ष को चोट करने का मौका जरूर दे दिया है।
गौरतलब है कि आरटीआई के जरिए गृहमंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, मोदी सरकार के शुरुआती तीन सालों के दैरान यानी मई, 2014 से मई, 2017 तक सिर्फ जम्मू और कश्मीर में 812 आतंकवादी घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में 62 नागरिक मारे गए, जबकि 183 जवानों की शहादत हुई है। (एजेंसी)