rashifal-2026

चंद्रमा पर रातें क्यों होती हैं सर्द, पता लगाएगा चंद्र रोवर

Webdunia
रविवार, 13 जनवरी 2019 (20:44 IST)
बीजिंग। चंद्रमा के अज्ञात हिस्सों की जानकारी जुटाने के लिए भेजा गया चीन का चंद्र रोवर 'चांग ई-4' रात के दौरान चंद्रमा पर रहने वाले जमाव बिंदु के तापमान का पता लगाएगा। वैज्ञानिकों ने रविवार को यह जानकारी दी।
 
 
चंद्र अभियान 'चांगई-4' का नाम चीनी पौराणिक कथा अनुसार चंद्रमा देवी के नाम पर रखा गया है। धरती से कभी न दिखने वाले चंद्रमा के पिछले हिस्से पर यह यान 3 जनवरी को उतरा था। यह अब तक पहला यान है जिसे चंद्रमा के सबसे अछूते हिस्से पर उतारा गया है।

चांग ई-4 के सफल प्रक्षेपण को खगोलीय अवलोकन की दिशा में चीन की एक लंबी छलांग माना जा रहा है और इससे अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की दिशा में उसकी महत्वाकांक्षाओं को काफी बल मिला है।
 
चूंकि चंद्रमा का परिक्रमा चक्र और घूर्णन चक्र समान होता है इसलिए धरती से चंद्रमा का एक ही पक्ष हमेशा दिखता है और इसके दूसरे पक्ष के अधिकतर हिस्से को नहीं देखा जा सकता है। धरती से नजर नहीं आने वाले चंद्रमा के उस पक्ष को ही 'डार्क साइड' कहते हैं यानी अंधकार की वजह से नहीं बल्कि अज्ञात एवं अनछुआ होने के चलते इसे 'डार्क साइड' कहा जाता है।
 
चंद्रमा पर 1 दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है और रात भी उतनी ही लंबी होती है। चांद पर दिन और रात के तापमान में भीषण अंतर होता है। वैज्ञानिकों का आकलन है कि दिन के दौरान अत्यधिक तापमान 127 डिग्री सेल्सियस के आसपास जबकि रात का तापमान शून्य से 183 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच सकता है।
 
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार 2013 में चीन ने 'चांग ई-3' का प्रक्षेपण किया था। पिछले 5 सालों में 60 चंद्र रात्रि से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी इसके वैज्ञानिक उपकरण अब भी वहां अपने लैंडर पर ठीक अवस्था में कार्यरत हैं।
 
चाइना अकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (सीएएसटी) से 'चांग ई-4' अन्वेषण परियोजना की कार्यकारी निदेशक झांग हे ने 'शिन्हुआ' को बताया कि यह सफलता तो है लेकिन 'चांग ई-3' को तापमान आंकड़े के हिसाब से डिजाइन किया गया था।

झांग ने कहा कि चंद्रमा के तापमान के बारे में अपने आंकड़े के बगैर हम नहीं जान पाते कि चंद्रमा पर रातें वास्तव में कितनी सर्द हो सकती हैं। 'चांग ई-4' चंद्रमा पर दिन और रात के तापमान के बीच के अंतर को मापेगा जिससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा की सतह की प्रकृति के आकलन में मदद मिलेगी। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं- भाजपा के इशारे पर लोकतंत्र को कर रहा कमजोर

अयातुल्ला खामेनेई को सता रहा अमेरिकी हमले का डर, तेहरान के भूमिगत बंकर को बनाया ठिकाना

तेजस्वी यादव बने RJD के कार्यकारी अध्यक्ष, रोहिणी आचार्य बोलीं- लालूवाद को खत्म करने की साजिश

शशि थरूर बोले- कांग्रेस का कभी विरोध नहीं किया, ऑपरेशन सिंदूर पर रुख के लिए नहीं मांगूगा माफी

ईरानी सेना के कमांडर की अमेरिका को चेतावनी, कहा- इशारा मिलते ही दब जाएगा ट्रिगर

सभी देखें

नवीनतम

अयोध्या के GST कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का किया समर्थन

Renault Duster: Kia और Hyundai की बढ़ी टेंशन, फाइटर जेट जैसा केबिन, Features, engines, price से लेकर वे खूबियां जो आप जानना चाहते हैं

जलेबी चुरा के भागे, फिर शुरू हुई मार-धाड़, लाठी, डंडे, ईंट क्‍या क्‍या न चला, हमले में भागकर बचाई लोगों ने अपनी जान

मोदी सरकार ने संविधान, कांग्रेस, विपक्ष और मेरा अपमान किया है : खरगे

शंकराचार्य विवाद पर उमा भारती किसके साथ, दिया बड़ा बयान

अगला लेख