khatu shyam baba

निर्भया गैंगरेप मामले में आज सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला

Webdunia
शुक्रवार, 5 मई 2017 (07:38 IST)
नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट दिल्ली गैंगरेप मामले में 4 दोषियों की याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा। बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा के साथ दिल्ली में गैंगरेप हुआ था।
 
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषियों के खिलाफ मौत की सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। फैसला शुक्रवार दोपहर तक आने की संभावना है।
 
इस मामले में सितंबर 2013 में 6 दोषियों के खिलाफ मौत की सजा सुनाई गई थी जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने 2014 में बरकरार रखा। इनमें से एक दोषी रामसिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर ही फांसी लगा ली थी जबकि एक और दोषी नाबालिग होने के कारण अपनी 3 साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है।
 
अब जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर. भानूमथी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इसी साल 27 मार्च को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
 
गौरतलब है कि चारों दोषियों के खिलाफ सुनवाई 4 अप्रैल 2016 को शुरू हुई थी। 13 मार्च 2014 को मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने दिल्ली हाई कोर्ट की मौत की सजाको सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी। (भाषा)
Show comments

जरूर पढ़ें

IRIS Dena : हिन्द महासागर में फंसे नाविकों की तलाश में जुटी Indian Navy, श्रीलंका के साथ चलाया सर्च ऑपरेशन

Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei क्या नपुंसक थे, WikiLeaks की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

5 दिन बाद अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव ने श्रद्धांजलि रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर

Hormuz Strait पर ईरान ने दी बड़ी खुशखबरी, चीन के लिए खोला रास्ता, क्या भारत को भी होगा फायदा

Iran War 2026 : ईरान- इजराइल कैसे बने एक-दूसरे के दुश्मन, कभी हुआ करते थे जिगरी दोस्त

सभी देखें

नवीनतम

LPG : देश में तेल, रसोई गैस की किल्लत नहीं होगी, भारत के पास जरूरत से ज्यादा सप्लाई, जानिए कैसे होता है एलपीजी का प्रोडक्शन

इंजीनियर, रैपर, मेयर और अब PM कैंडीडेट, कौन हैं बालेन शाह जिन्होंने बदल दी नेपाल की राजनीति?

Nothing का बड़ा धमाका: धांसू लुक के साथ Phone 4a और 4a Pro लॉन्च, साथ में 135 घंटे चलने वाला हेडफोन भी!

कर्नाटक में 'डिजिटल स्ट्राइक', 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, CM सिद्धारमैया का बड़ा फैसला

मध्य पूर्व संकट : हिंसक टकराव से आम नागरिकों के लिए गहराती पीड़ा, बढ़ती अनिश्चितता

अगला लेख