गणतंत्र दिवस के एक दिन पूर्व भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार, 2026 का ऐलान कर दिया है। इन सभी लोगों को राष्ट्रपति खुद पुरस्कार देंगी। उन्हें राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी। अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों लोगों को ये सम्मान दिया गया है। मीडिया खबरों के मुताबिक लगभग 45 लोगों को अनसंग हीरोज कैटेगरी में पद्मश्री अवॉर्ड दिए गए हैं।
इस साल देश की 131 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। नामों की घोषणा हो गई है। साल 2026 के लिए 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा की गई है। एक्टर धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
45 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री का सम्मान दिया गया है। अंके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडिस, भगवानदास रायकर, भिकल्या लाडक्या ढिंडा, बृजलाल भट, बुधरी ताठी, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव और धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
अनसुने, अनजाने नायक
साधारण भारतीयों के असाधारण योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष के पद्म पुरस्कार देश के कोने-कोने से आए उन अनसुने, अनजाने और अनदेखे नायकों को पहचान देते हैं, जिनका योगदान अब तक सुर्खियों से दूर रहा। इन सभी विभूतियों ने व्यक्तिगत संघर्षों, कठिनाइयों और त्रासदियों के बावजूद न केवल अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया बल्कि समाज सेवा को ही अपना जीवन लक्ष्य बनाया।
भारत माता के लालों की निस्वार्थ सेवा
पुरस्कार विजेताओं में पिछड़े वर्गों, दलित समुदायों, आदिम जनजातियों से जुड़े लोग और दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक शामिल हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने दिव्यांगजनों, महिलाओं, बच्चों, दलितों और आदिवासियों की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, स्वच्छता, सतत विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर काम किया। जो बिना किसी शोर-शराबे के चुपचाप अपने कर्तव्य निभाते हुए भारत माता की सेवा में लगे हुए हैं।
Edited by : Sudhir Sharma