Publish Date: Mon, 18 Feb 2019 (17:40 IST)
Updated Date: Mon, 18 Feb 2019 (17:43 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट को निरस्त करने के लिए दायर एक याचिका न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सोमवार को खारिज कर दी। इस याचिका में दावा किया गया था कि संविधान में अंतरिम बजट का कोई प्रावधान नहीं है।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने अधिवक्ता मनोहरलाल शर्मा की याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह इस पर विचार करने की इच्छुक नहीं है। मनोहरलाल शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से यह याचिका दायर की थी। शर्मा ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान में पूर्ण बजट और लेखानुदान पेश करने का ही प्रावधान है।
चुनाव वर्ष के दौरान सीमित अवधि के दौरान सरकारी खर्च के लिए लेखानुदान का प्रावधान है जबकि बाद में निर्वाचित सरकार पूर्ण बजट पेश करती है। लोकसभा में 1 फरवरी को अंतिरम बजट पेश किया गया था जिसमे मध्यम वर्ग और किसानों के लिए अनेक राहतों की घोषणा की गई थी।
शीर्ष अदालत ने भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित एक मुद्दे को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर पिछले साल दिसंबर में मनोहरलाल शर्मा पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी किया था। (भाषा)