Publish Date: Fri, 15 Feb 2019 (13:55 IST)
Updated Date: Fri, 15 Feb 2019 (15:33 IST)
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आतंकवादी हमले में 40 से ज्यादा CRPF जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में दुख की लहर है, गुस्सा है, लेकिन जिन 16 राज्यों के सपूत इस हमले में शहीद हुए हैं वहां तो हाहाकार मचा हुआ है। तिरंगे में लिपटी शहीदों की पार्थिव देह जब अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच रही है, तो वहां लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
चारों ओर से एक ही आवाज आ रही है बदला.. बदला... और बदला। CRPF ने यहां तक कह दिया है कि इस हमले को न तो हम भूलेंगे न ही क्षमा करेंगे। अर्थात इस हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा।
अभी तक जो सूची सामने आई है, उसके मुताबिक देश के 16 राज्यों ने अपने सपूतों को खोया है। इस हमले में कई माताओं की गोद सूनी हो गई, तो कई महिलाओं के माथे का सिंदूर उजड़ गया। इस हमले ने कई बच्चों से उनका पिता छीन लिया तो बहनों से उनके भाई।
बिहार के भागलपुर जिले के निवासी शहीद रतन ठाकुर के पिता ने आंखों में आंसू भरकर कहा कि मेरा बेटा भारत की सेवा के लिए बलिदान हो गया, मैं अपने दूसरे बेटे को भी देश की सेना के लिए भेजूंगा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को उसकी इस हरकत का कड़ा जवाब मिलना चाहिए।
इस सूची के मुताबिक सर्वाधिक 12 शहीद उत्तर प्रदेश से हैं, दूसरे नंबर पर राजस्थान के 5 जवानों ने शहादत दी। पंजाब से 4 और उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य से 3 सुरक्षाकर्मियों ने मां भारती को अपनी जान न्योछावर कर दी। इसी तरह बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के 2-2 सपूत देश के लिए शहीद हुए। असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल और मध्यप्रदेश 1-1 जवान ने शहादत दी।