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Republic Day Parade: कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन, झांकियों में दिखी सांस्कृतिक विरासत

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देशवासी आज यानी गुरुवार को भारत का अपना 74वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया। देशभर में जगह जगह ध्वजारोहण और परेड का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ से आज नए भारत की झलक दिखाई दी। धरती से आसमान तक दिखी भारत की सैन्य ताकत की झलक। विभिन्न राज्यों की झांकियों ने मोहा सबका मन। 

-कर्तव्य पथ पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की झांकी में देश से चीतों के विलुप्त होने के 70 साल बाद भारत में उन्हें फिर से बसाये जाने सहित जैव विविधता संरक्षण को दर्शाया गया। अत्यधिक शिकार और रिहायशी स्थानों में आई कमी के कारण वर्ष 1952 में चीतों को भारत में विलुप्त घोषित किया गया था।

-असम की झांकी में अहोम साम्राज्य के सेनापति लाचित बोड़फूकन, प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर सहित राज्य की अन्य सांस्कृतिक धरोहरों का प्रदर्शन किया गया। बोड़फुकन पूर्ववर्ती आहोम साम्राज्य के सेनापति थे जिन्होंने 1671 के सरायघाट युद्ध में मुगल सेना के असम पर कब्जा करने के प्रयास को विफल कर दिया था। केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष बोड़फुकन की 400वीं जयंती मनायी थी।
 
-लद्दाख की झांकी में इस केंद्रशासित प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के मनोरम दृष्य और जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिली। लेह और करगिल के कलाकारों की मंडली भी दिखी जो इस झांकी में चार चांद लगाने वाली थी।
-गृह मंत्रालय की झांकी में दिखी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में नारी शक्ति।
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-उत्तर प्रदेश की झांकी में दिखा अयोध्या का दीपोत्सव।
-उत्तराखंड की झांकी में वन्यजीवन और धार्मिक स्थलों को प्रदर्शित किया। उत्तराखंड की झांकी में जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान को दर्शाया गया जिसमें हिरण, राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई तरह के पशु पक्षी विचरण करते नजर आए। झांकी में जागेश्वर धाम को भी दर्शाया गया।
-कर्नाटक की झांकी में नारी शक्ति महोत्सव।
-तमिलनाडु की झांकी महिला सशक्तिकरण और तमिलनाडु की संस्कृति पर केंद्रीत।
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-हरियाणा की झांकी में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की झलक। महाभारत के युद्ध के समय भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश और उनका ‘विराट स्वरूप’ देश के 74वें गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में हरियाणा द्वारा निकाली गई झांकी के केंद्र बिंदु रहे।
-पश्चिम बंगाल की झांकी में कोलकाता में दुर्गा पूजा: यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का वर्णन
-झारखंड की झांकी में बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन।
-बहादुरी, कला और संस्कृति, खेल, नवाचार और समाज सेवा के क्षेत्र में असाधारण क्षमता और उत्कृष्ट उपलब्धि वाले प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चे भी जीपों में कर्तव्य पथ पर आए।
-एनएसएस के मार्चिंग दल ने चंडीगढ़ की आंचल शर्मा के नेतृत्व में मार्च किया।
-एनसीसी लड़कों की मार्चिंग टुकड़ी, जिसमें 148 वरिष्ठ डिवीजन कैडेट शामिल हैं, का नेतृत्व महाराष्ट्र निदेशालय के वरिष्ठ अवर अधिकारी पुजारी शिवानंद ने किया।
-वरिष्ठ अवर अधिकारी सोनाली साहू ने 148 वरिष्ठ डिवीजन कैडेटों वाली एनसीसी गर्ल्स मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व किया।
-कर्तव्यपथ पर सिग्नल कोर का मोबाइल माइक्रोवेव नोड और मोबाइल नेटवर्क सेंटर। इसका नेतृत्व 02 एएचक्यू सिग्नल रेजिमेंट के मेजर मोहम्मद आसिफ अहमद कर रहे हैं।
-64 असॉल्ट इंजीनियर रेजिमेंट की 10 मीटर शॉर्ट स्पैन ब्रिज प्रणाली सलामी मंच के सामने पहुंची।
-861 मिसाइल रेजिमेंट के ब्रह्मोस का नेतृत्व लेफ्टिनेंट प्रज्ज्वल काला कर रहे हैं|
-कर्तव्य पथ पर दिखी अर्जुन, नाग मिसाइल सिस्टम और के-9 वज्र की ताकत।
-मैकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजिमेंटल सेंटर के इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल बीएमपी-2 के मैकेनाइज्ड दस्ते का मार्च पास्ट|
-कर्तव्यपथ पर नाग मिसाइल प्रणाली, जिसका नेतृत्व 17 मैकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ त्यागी कर रहे हैं।
-75 आर्मड रेजीमेंट के मुख्य युद्धक टैंक एमबीटी अर्जुन का दस्ता सलामी मंच के सामने से गुजरा।
-61 कैवलरी की वर्दी में पहली टुकड़ी का नेतृत्व कैप्टन रायज़ादा शौर्य बाली ने किया।
-राष्ट्रपति मुर्मू ले रही हैं परेड की सलामी। परेड की कमान दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ संभाल रहे हैं। दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेज़र जनरल भवनीश कुमार परेड के सेकेंड-इन-कमांड।
-राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने फहराया राष्ट्रध्वज। उसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ हुआ राष्ट्रगान।
-राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और मिस्र के राष्‍ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी मुख्‍य समारोह में पहुंचे।
-नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे पीएम मोदी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। इस बार का यह अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसे हम आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मना रहे हैं। देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए हम एकजुट होकर आगे बढ़ें, यही कामना है।'
-गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 बजकर 5 मिनट पर नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होगी।
 
-पीएम मोदी 10 बजकर 22 मिनट पर सैल्यूटिंग डायस पर पहुंचेंगे।
-मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं।
-10 बजकर 27 मिनट पर राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि समारोह स्थल पर पहुंचेंगे, जहां पीएम मोदी उनका स्वागत करेंगे।
 
-सुबह 10:30 मिनट पर राष्ट्रपति ध्वजारोहण से परेड की शुरुआत करेंगे।
-परम्परा के अनुसार राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा और उसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान होगा।
-पहली बार औपचारिक सलामी 105-एमएम भारतीय फील्ड गन से दी जाएगी, जो रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ‘आत्मनिर्भरता’ को दर्शाती है। इसने 25-पाउंडर बंदूकों की जगह ली है।
 
-105 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 1वी/वी5 हेलीकॉप्टर कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों पर पुष्प वर्षा करेंगे।
-परेड की शुरुआत राष्ट्रपति के सलामी लेने के साथ होगी। परेड की कमान दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ संभालेंगे। दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेज़र जनरल भवनीश कुमार परेड के सेकेंड-इन-कमांड होंगे।
 
-भारतीय नौसेना की टुकड़ी में लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत के नेतृत्व में 144 युवा नाविक शामिल होंगे। पहली बार मार्च करने वाले दल में तीन महिलाएं और छह अग्निवीर शामिल हैं।
-परेड के दौरान जिन सैन्य शस्त्रों को प्रदर्शित किया जाएगा, उनमें ‘मेड-इन-इंडिया’ उपकरण शामिल हैं जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाते हैं।

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