सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहिता को भी 24 हफ्तों तक गर्भपात का अधिकार

Webdunia
गुरुवार, 29 सितम्बर 2022 (11:30 IST)
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गर्भपात पर एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि अविवाहित महिला को भी 24 हफ्तों तक गर्भपात का अधिकार है।
 
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रीग्‍नेंसी (एमटीपी) कानून तथा संबंधित नियमों की व्याख्या करते हुए शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि विवाहित हो या अविवाहित सभी महिलाओं को 24 हफ्तों तक गर्भपात का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाहित और अविवाहित के बीच भेदभाव उस रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा देता है कि केवल विवाहित महिलाएं ही यौन संबंध बना सकती हैं। गर्भपात कानूनों के तहत विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच भेदभाव संवैधानिक रूप से सही नहीं है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5/ के डेटा के अनुसार, भारत की 28.7% ग्रामीण महिलाएं और 22.1% शहरी महिलाएं सेल्फ अबॉर्शन करती हैं। हर 4 में से 1 महिला बिना डॉक्टर की एडवाइस के घर बैठे सेल्फ-अबॉर्शन करती हैं, जिसमें MTP पिल्स का सेवन करना भी शामिल है।

सम्बंधित जानकारी

10 रुपए के लिए पिता का सिर काटा, मुंडी लेकर थाने पहुंचा

RSS की पसंद का होगा मध्यप्रदेश का नया भाजपा अध्यक्ष, मोहन भागवत के भोपाल दौरे से बढ़ी सियासी हलचल

SEBI की पूर्व प्रमुख माधबी पुरी बुच पर नहीं दर्ज होगी FIR, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी 4 हफ्ते की राहत

सुप्रीम कोर्ट ने दी व्यवस्था, किसी को मियां तियां व पाकिस्तानी कहना अपराध नहीं

UP : CM योगी ने क्यों कहा, जो हमारा है, हमें मिलना चाहिए, SP पर साधा निशाना

Aurangzeb को लेकर मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज राणा का बयान, तो हिन्दू बचते ही नहीं

देश में ऐसे समाज की जरूरत जहां कोई भेदभाव न हो : नितिन गडकरी

RSS नेता भैयाजी जोशी के बयान के बाद मुंबई में भड़का मराठी विवाद, BJP आई बचाव में

केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, CM डॉ. मोहन यादव की वित्त आयोग से मांग

Ultraviolette Tesseract e-scooter : फ्यूचर टेक्नोलॉजी के साथ आया सस्ता इलेकिट्रक स्कूटर, सिर्फ 999 रुपए...

अगला लेख