Publish Date: Thu, 28 Jul 2022 (12:35 IST)
Updated Date: Thu, 28 Jul 2022 (12:41 IST)
जम्मू। लद्दाख सेक्टर में एलएसी पर चीनी सेना की घुसपैठ और तनाव के दो साल पूरे कर लिए जाने के बाद अप्रत्यक्ष युद्ध से निपटने की खातिर भारतीय सेना ने एलएसी पर 5जी नेटवर्क की मांग की है। इसके लिए उसने कई कंपनियों से इस शर्त के साथ टेंडर भी मांगें हैं कि वे इसे 12 महीनों के भीतर मुहैया करवाएंगी।
जून 2020 में जब लाल सेना लद्दाख सेक्टर में एक लाख से अधिक जवानों के साथ एलएसी के कई इलाकों पर कब्जा करके बैठ गई तो खराब नेटवर्क के कारण ही भारतीय सेना को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इन मुसीबतों से छुटकारा अभी तक नहीं मिल पाया है।
दरअसल चीनी सेना 18000 फुट की ऊंचाई पर 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही थी और भारतीय सेना 4जी नेटवर्क का भी पूरा प्रयोग नहीं कर पा रही थी क्योंकि उसके अधिकतर नेटवर्क इन दुर्गम पहाड़ों पर अक्सर धोखा देते रहे हैं।
अब सेना ऐसा 5जी नेटवर्क इस सेक्टर में चाहती है जो सिर्फ वह ही इस्तेमाल कर सके। हालांकि सेना ने इस संबंध में डीआरडीओ से भी इस समस्या पर दो सालों से लगातार संपर्क साध रखा है पर उसे कोई हल नहीं मिल पाया। जिसका परिणाम यह है कि अक्सर नेटवर्क के धोखा दे जाने के कारण सेना को आप्रेशनल तैयारियों में रूकावटों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, चीन ने एलएसी पर अपने अग्रिम और कब्जे वाले इलाकों तक आप्टिकल फाइबर का जाल बिछा रखा है और भारतीय सेना मोबाइल टावरों के अतिरिक्त सेटेलाइट पर आधारित नेटवर्क पर ही टिकी हुई है जो कई बार ठीक से नहीं चल पाते थे।