खट्‍टासिंह करेगा राम रहीम के 'दांत खट्‍टे'

Gurmeet Baba Ram Rahim
Webdunia
शनिवार, 16 सितम्बर 2017 (19:06 IST)
पंचकूला। साध्वी बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा भुगत रहे हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की हत्या के दो मामलों में शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई शुरू हुई।
 
हरियाणा में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा भुगत रहे राम रहीम को इस मामले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल किया गया। राम रहीम पर एक सांध्य दैनिक के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और सेवादार रणजीतसिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इन मामलों में डेरा प्रमुख के पूर्व चालक खट्टासिंह ने अदालत के समक्ष फिर से गवाही देने का अनुरोध किया है।
 
अदालत ने अगली सुनवाई 22 सितंबर तय की है और उस दिन यह तय किया जाएगा कि पूर्व चालक दुबारा गवाही दे सकता है अथवा नहीं। दोनों हत्या के मामले में आज बाकी सभी सातों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
 
खट्टा ने कहा कि मैं पहले डर गया था कि कहीं मुझे और मेरे बेटे को वह मार न डाले। उसका कहना था कि हमें धमकी भी दी गई थी। खट्टा 2012 में अपने 2007 के बयान से पलट गया था।
 
पत्रकार हत्या मामले में किरशन लाल और कुलदीप को अदालत में पेश किया गया, दूसरे मामले में सेवादार रणजीतसिंह की हत्या के आरोप में अवतारसिंह इन्द्रसेन सबदिल किरशन लाल और जसबीर को अदालत के समक्ष लाया गया।
 
सिरसा के एक सांध्य दैनिक 'पूरा सच' के पत्रकार छत्रपति डेरा के बारे में खबरें छापते रहते थे। पत्रकार ने एक गुमनाम पत्र छापकर डेरा में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को उजागर किया था। छत्रपति की अक्टूबर 2002 में हत्या कर दी गई थी। 
 
रणजीतसिंह की हत्या भी महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ी हुई है। उसकी हत्या 10 जुलाई 2002 को की गई थी। हत्या के दोनों मामलों में राम रहीम सीबीआई की प्राथमिकी में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद है। इनके परिवारों के अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद नवंबर 2003 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मामला सीबीआई को सौंपा था। सीबीआई ने 30 जुलाई 2007 को आरोपपत्र दाखिल किया। राम रहीम इन मामलों में यदि दोषी पाया गया तो उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है।
 
राम रहीम को बलात्कार मामले में 25 अगस्त को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे 28 अगस्त को सजा सुनाई गई। सजा के बाद राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव को देखते हुए इस बार सुरक्षा चाक चौबंद की गई थी। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश जगदीपसिंह की अदालत में सीबीआई की तरफ से वकील एचपीएस वर्मा और राम रहीम की ओर से एसके गर्ग ने जिरह की। (वार्ता)

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