Hanuman Chalisa

10 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां : दूर करें हर समस्या

Webdunia
आयुर्वेद में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के इलाज मौजूद है। ऐसी चीजें जो हमारे आसपास ही हैं लेकिन हमें उनके बारे में जानकारी नहीं है। प्रस्तुत है 10 ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जो आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के स्वास्थ्य लाभ देंगी।



पुदीना -  पुदीने की पत्तियां खून साफ करती हैं, सिरदर्द ठीक करती हैं, खराब गले को राहत पहुंचाती हैं, उल्टियों को रोकती हैं और दांतों की दिक्कतों से भी निजात दिलाती हैं। पुदीना ऐंटी-बैक्टीरियल भी होता है जो शरीर में बैक्टीरिया पैदा होने से रोकता है।

हल्दी -  हल्दी का इस्तेमाल हम लगभग सभी हिन्दुस्तानी सब्जियों या खाद्य पदार्थों में करते हैं। इसकी जड़ों और पत्तियों में औषधीय गुण होते हैं। इसमें सबसे अच्छे ऐंटी-बैक्टीरियल गुण हैं।


इससे जोड़ों के दर्द, आर्थराइटिस, पाचन विकार, दिल और लिवर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता है। यहां तक कि यह कैंसर सेलों को खत्म करती है और स्किन के लिए भी अच्छी होती है।

लेमन ग्रास
 

यह आमतौर पर उत्तर भारत में उगाया जाता है। इसे चाय में डालकर पीने का चलन है। लेमन ग्रास शरीर, जोड़ों, सिर और मांसपेशियों के दर्द से निजात दिलाती है और स्ट्रेस से भी बचाती है।

सफेद कमल
 

सफेद कमल की पत्तियां, फूल, बीज और जड़ों से हैजा, पेट की बीमारियों, कब्ज और आंखों के इन्फेक्शन का इलाज किया जाता है। सफेद कमल के बीजों को भी कामोत्तेजक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

गुलाब
 

गुलाब की पत्तियां खाने से दिल की सेहत बनती है, सूजन घटती है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और ब्लड प्रेशर कम होता है। गुलाब की पत्तियों से भी स्ट्रेस, मासिक पीड़ा, अपच और अनिद्रा से निजात मिलती है।

मेहंदी की पत्तियां
 
मेहंदी की पत्तियां मूत्रवर्धक होती हैं। वे दर्द को कम करती हैं और शरीर को डीटॉक्स करती हैं। कब्ज के इलाज में भी इनका इस्तेमाल हो सकता है। छाले, अल्सर, चोट, बुखार, हैमरेज और मासिक दर्द से भी मेहंदी की पत्तियां छुटकारा दिलाती हैं।

सब्जा
 
 
सब्जा को फालूदा में कूलिंग एजेंट के तौर पर डाला जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इनके सेवन से इम्युनिटी बढ़ती है, ब्लड प्रेशर कम होता है और दिल की सेहत बनती है। इन्हें खाने से स्किन अच्छी होती है और सूजन घटती है।

दालचीनी
 
भारतीय मसालों में दालचीनी अहम है। इसके सेवन से दर्द कम होता है और अकड़न दूर होती है। यह किडनी को डि‍टॉक्स करता है और सांस संबंधी दिक्कतें दूर कर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है।

इसबगोल
 

इसबगोल की भूसी कब्ज का अचूक इलाज है। यह एक तरह की घुट्टी है जो आंतों को रिलैक्स करती है। इसे पीसकर जोड़ों पर लगाने से जोड़ों के दर्द से भी आराम मिलता है।

कपूर-  इस पौधे के अनगिनत फायदे हैं। इसकी छाल से बैक्टीरिया और फंगस से निजात मिलती है, दर्द से आराम मिलता है, यह कामोत्तेजक का भी काम करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है।


कपूर के तेल से खांसी, दमा, हिचकी, लिवर की दिक्कतों और दांत के दर्द का इलाज किया जाता है। इसे मांसपेशियों या नसों का दर्द ठीक करने और डिप्रेशन का इलाज करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

Holi recipes: रंगों और स्वाद का संगम: होली-धुलेंड़ी पर्व के 5 सबसे बेहतरीन पकवान

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

Low Blood Sugar: हाइपोग्लाइसीमिया, बॉडी में शुगर कम होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

National Science Day: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?