Festival Posters

मां शैलपुत्री के बारे में ये 7 बातें आप नहीं जानते होंगे

Webdunia
सोमवार, 26 सितम्बर 2022 (11:46 IST)
वर्ष में चार नवरात्रियां आती हैं। आश्‍विन माह में शारदीय नवरत्रि का पर्व मनाया जाता है। 26 सितंबर 2022, सोमवार से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गई है। इस बार माता हाथी पर सवारी होकर आयीं हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। नवरात्रि के यह त्योहार 4 अक्टूबर 2022 तक चलेगा। प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। कौन है मां शैलपुत्र और किस कारण होती है उनकी पूजा एवं आराधना? 
 
शैलपुत्री | Shailputri
वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌ । 
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌ ॥
 
1. शैल का अर्थ होता है पर्वत। शैलराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है।
 
2. मां शैलपुत्री माता वृषभ पर सवार हैं।
 
3. इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है।
 
4. इनकी आराधना से हम सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं। 
 
5. इनका मंत्र है-  ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:। या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।
 
6. प्रतिपदा तिथि को नैवेद्य के रूप में गाय का घी मां को अर्पित करना चाहिए।
 
7. इस दिन पीला रंग पहनना शुभ है। इसीलिए नवरात्रि की शुरुआत पीले रंग के कपड़ों से करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

19 February Birthday: आपको 19 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 19 फरवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

होलाष्टक की पौराणिक कथा: क्यों माने जाते हैं ये 8 दिन अशुभ?

Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?

2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय

अगला लेख