rashifal-2026

जन्नत की हकीकत : मां के हाथ का खाना

Webdunia
- रमेश जोशी 

राजस्थानी में एक कहावत है- खाना मां के हाथ का, चाहे जहर ही हो। इसी तर्ज पर और भी बहुत-सी बातें आगे बढ़ती हैं, जैसे- बैठाना भाइयों में चाहे बैर ही हो, छाया मौके की चाहे कैर ही हो, चलना रस्ते का चाहे फेर ही हो। ये सब मात्र तुकबंदियां नहीं हैं, इनमें जीवन का सत्य भी है। यह तो अतिशयोक्ति अलंकार है। क्या किसी मां के हाथ का खाना भला जहर हो सकता है?
 
बाजार बेचने के लिए खाना बनाता है और बेचना मुनाफे के लिए होता है। बनाने वाला अपनी दिहाड़ी पक्की करता है और बनवाने वाला अपना धंधा। दुकानदार को सामान बिकने से होने वाले अपने प्रतिशत से मतलब है। यह खाना इनमें से किसी को नहीं खाना है। जब खाना ही नहीं है तो फिर वह चाहे कैसा भी हो। बस किसी भी तरह बिकना चाहिए।
 
मां जब खाना बनाती है, तो उसे पता रहता है किस बच्चे को कौन-सी सब्जी अच्छी नहीं लगती। वह उसके लिए भी कोई न कोई विकल्प सोचकर रखती है। वह जानती है कि किसे मिर्च कम और किसे ज्यादा चाहिए। कौन बाजरे की रोटी पसंद करता है और किसी मिस्सी की रोटी पसंद है। मां को पता है कि किस बच्चे को दाल से गैस होती है और किसे लहसुन का छोंक अच्छा लगता है।
 
बाजार यह सब नहीं जानता और न जानना चाहता है। लेकिन बाजार यह सब जानता है कि कैसे कम लागत में अधिक से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। वह या तो खाने में गिरी मक्खी को यदि चल जाए तो निकालने का कष्ट ही नहीं करेगा और यदि निकालेगा भी तो पहले निचोड़ लेगा।
 
एक प्रसिद्ध पिज्जा कंपनी के पिज्जा में एक निरोध निकला। पता नहीं, इनकी रसोई में कौन-कौन सी स्वास्थ्यप्रद गतिविधियां चलती हैं। कुछ महीने पहले इटली के एक होटल के कर्मचारी का वीडियो नेट पर देखने को मिला जिसमें वह रसोई के सिंक में लघुशंका कर रहा था। वह नौकरी कर रहा था भोजन बनाने की तो यह अत्यंत जरूरी काम निबटाने और कहां जाएगा? जिसे ऐसे अनौपचारिक अत्याधुनिक और विकसित सभ्यता के भोजन का आनंद लेना है तो ले। उसका लक्ष्य दिहाड़ी है। सो पक्की कर रहा था। खाने वाले से उसका किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। और पवित्र, अशुच और जूठा जैसी कोई अवधारणा ही नहीं है। धर्म और भगवान से डरने की बात है तो वह पिछड़े लोगों का काम है। विकसित समाजों के जीवन में इनका कोई स्थान ही नहीं है। कानून का भी उतना ही खयाल है जितना कि वह डरा सकता है। यदि आप उसे खरीद सकते हैं तो फिर उससे डरने की आवश्यकता नहीं है।
 
भारत में विशेष रूप से जानी जाने वाली अमेरिका की प्रसिद्ध फूड कंपनियां मैकडॉनल्ड्स और केंटकी फ्राइड चिकन के भारत ही नहीं, दुनिया में हजारों किस्से हैं। ऑस्ट्रेलिया में एक लड़की को ऐसी ही एक कंपनी का खाना खाकर ऐसी बीमारी हो गई कि वह अब न तो ठीक हो सकेगी और न ही अपना कोई काम खुद कर सकेगी। उसे जीवनभर दूसरों निरंतर सेवा पर जीना होगा।
 
उस लड़की को शायद अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा दिया गया है। और वह मुआवजा भी कोई ऐसे ही थोड़े दे दिया। पहले तो कंपनी के वकीलों ने उस मामले को कानूनी दांवपेंचों से धूल में मिलाने का काम किया होगा। कंपनी ने भी पता नहीं और कौन-कौन से हथकंडे अपनाए होंगे। जब कुछ नहीं चली होगी, तब मुआवजा दिया होगा। इससे मामले की गंभीरता का अनुमान लगाया जा सकता है।
 
इन्हीं गोरे पश्चिमी देशों के शोध कहते हैं कि मां के हाथ के खाने से बच्चों में मोटापा नहीं बढ़ता। रसोई में उठती खाने की गंध और उसमें मिला मां का प्यार बच्चे के तन-मन को कैसे प्रभावित करता है, इसका क्या महत्व है, यह बाजार क्या जाने। वैसे मां के इस वात्सल्य, यदि मां के सशक्तीकरण के चक्कर के बावजूद कुछ बच गया हो तो, को संतुष्ट करने के लिए भी बाजार के पास योजना है। बाजार का डिब्बाबंद खाना घर ले आइए और गरम करके परोस दीजिए और यह हो गया आजकल का मां के हाथ का खाना। स्तनपान से मां और बच्चे के बीच किस भावधारा का संचार होता है, यह दूध न पिलाने वाली मां को क्या पता?
 
अमेरिका में कुछ भारतीय परिवारों में यदि मां के हाथ का कुछ बचा हुआ हो तो सौभाग्य की बात है अन्यथा आजकल तो भारत में भी बड़े और अब छोटे शहरों और कस्बों में बाजार से ब्रेड या इसी प्रकार की चीजें ‍लाई जाने लगी हैं। अमेरिका की नकल पर शुक्रवार शाम से भारत में बेंगलुरु जैसे सैकड़ों शहरों में पिज्जा की होम डिलीवरी करने वाली मोटरसाइकलें दौड़ने लगी हैं।
 
जन्नत में नहीं जा सके तो कोई बात नहीं, हम अपने भारत में ही जन्नत बना लेंगे।

साभार- गर्भनाल 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सर्दियों में सेहत और स्वाद का खजाना है मक्के की राब, पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानें रेसिपी

सर्दियों में रोजाना पिएं ये इम्यूनिटी बूस्टर चाय, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

सभी देखें

नवीनतम

Typhoid In Hindi: टाइफाइड क्यों होता है, जानें कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय

Paramahansa Yogananda: परमहंस योगानंद कौन थे?

Cold weather Tips: ठंड में रखें सेहत का ध्यान, आजमाएं ये 5 नुस्‍खे

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Louis Braille Jayanti: लुई ब्रेल दिवस क्यों मनाया जाता है?