old age poem - हरनारायण शुक्ला (मिनियापोलिस, USA) अमेरिका ने यारों, बूढ़ा कर दिया, वरना हम भी, जवान थे अच्छे-खासे। आए तो थे चालीस के, अब हो गया है अस्सी, सेहत और उम्र की कशमकश, जिंदगी खिंची-तनी इक रस्सी। मैं पापड़ बहुत ही बेला, धक्का भी...