Hanuman Chalisa

4 नवंबर को मनेगा खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन, यहां पढ़ें आरती और चालीसा

Webdunia
इस बार 4 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन श्री खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन मनाया जाएगा। यहां पढ़ें उनकी प्रिय आरती और चालीसा-  
 
खाटू श्याम की आरती:Khatu Shyam Ji ki Aarti
 
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुंडल श्रवण पड़े।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
 
गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
 
मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे।
ॐ जय श्री श्याम हरे..
 
जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे.. ।


श्री खाटू श्याम चालीसा:Khatu Shyam Chalisa 
 
दोहा
 
श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद।
 
श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद।
 
श्याम-श्याम भजि बारंबारा। सहज ही हो भवसागर पारा।
 
इन सम देव न दूजा कोई। दिन दयालु न दाता होई।।
 
भीम सुपुत्र अहिलावाती जाया। कही भीम का पौत्र कहलाया।
 
यह सब कथा कही कल्पांतर। तनिक न मानो इसमें अंतर।।
 
बर्बरीक विष्णु अवतारा। भक्तन हेतु मनुज तन धारा।
 
बासुदेव देवकी प्यारे। जसुमति मैया नंद दुलारे।।
 
मधुसूदन गोपाल मुरारी। वृजकिशोर गोवर्धन धारी।
 
सियाराम श्री हरि गोबिंदा। दिनपाल श्री बाल मुकुंदा।।
 
दामोदर रण छोड़ बिहारी। नाथ द्वारिकाधीश खरारी।
 
राधाबल्लभ रुक्मणि कंता। गोपी बल्लभ कंस हनंता।।
 
मनमोहन चित चोर कहाए। माखन चोरि-चारि कर खाए।
 
मुरलीधर यदुपति घनश्यामा। कृष्ण पतित पावन अभिरामा।।
 
मायापति लक्ष्मीपति ईशा। पुरुषोत्तम केशव जगदीशा।
 
विश्वपति जय भुवन पसारा। दीनबंधु भक्तन रखवारा।।
 
प्रभु का भेद न कोई पाया। शेष महेश थके मुनिराया।
 
नारद शारद ऋषि योगिंदरर। श्याम-श्याम सब रटत निरंतर।।
 
कवि कोदी करी कनन गिनंता। नाम अपार अथाह अनंता।
 
हर सृष्टी हर सुग में भाई। ये अवतार भक्त सुखदाई।।
 
ह्रदय माहि करि देखु विचारा। श्याम भजे तो हो निस्तारा।
 
कौर पढ़ावत गणिका तारी। भीलनी की भक्ति बलिहारी।।
 
सती अहिल्या गौतम नारी। भई श्रापवश शिला दुलारी।
 
श्याम चरण रज चित लाई। पहुंची पति लोक में जाही।।
 
अजामिल अरु सदन कसाई। नाम प्रताप परम गति पाई।
 
जाके श्याम नाम अधारा। सुख लहहि दुःख दूर हो सारा।।
 
श्याम सलोवन है अति सुंदर। मोर मुकुट सिर तन पीतांबर।
 
गले बैजंती माल सुहाई। छवि अनूप भक्तन मान भाई।।
 
श्याम-श्याम सुमिरहु दिन-राती। श्याम दुपहरि कर परभाती।
 
श्याम सारथी जिस रथ के। रोड़े दूर होए उस पथ के।।
 
श्याम भक्त न कही पर हारा। भीर परि तब श्याम पुकारा।
 
रसना श्याम नाम रस पी ले। जी ले श्याम नाम के ही ले।।
 
संसारी सुख भोग मिलेगा। अंत श्याम सुख योग मिलेगा।
 
श्याम प्रभु हैं तन के काले। मन के गोरे भोले-भाले।।
 
श्याम संत भक्तन हितकारी। रोग-दोष अध नाशे भारी।
 
प्रेम सहित जब नाम पुकारा। भक्त लगत श्याम को प्यारा।।
 
खाटू में हैं मथुरावासी। पारब्रह्म पूर्ण अविनाशी।
 
सुधा तान भरि मुरली बजाई। चहु दिशि जहां सुनी पाई।।
 
वृद्ध-बाल जेते नारि नर। मुग्ध भये सुनि बंशी स्वर।
 
हड़बड़ कर सब पहुंचे जाई। खाटू में जहां श्याम कन्हाई।।
 
जिसने श्याम स्वरूप निहारा। भव भय से पाया छुटकारा।
 
दोहा
 
श्याम सलोने संवारे, बर्बरीक तनुधार।
इच्छा पूर्ण भक्त की, करो न लाओ बार।। 


Khatu Shyam

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

25 January Birthday: आपको 25 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 जनवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

भीष्म अष्टमी 2026: पितामह का निर्वाण दिवस, जानें इस दिन का महत्व

Weekly Rashifal 2026: साप्ताहिक राशिफल (26 जनवरी से 01 फरवरी 2026): जानिए इस सप्ताह आपके सितारे क्या कहते हैं!

नर्मदा की अनंत धारा: एक विद्धत चेतना का आह्वान

अगला लेख