Dharma Sangrah

एकादशी का करते हैं उपवास तो इन 20 बातों का रखें ध्यान

Webdunia
एकादशी का हर व्रत पवित्र माना जाता है। एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन आवश्यक है। जानिए, एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें- 
 
1  ब्रह्मचर्य का पालन करें तथा भोग विलास से भी दूर रहें। 
 
2  एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और अंगुली से कंठ शुद्ध कर लें। 
 
3  वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें। 
 
4 स्नानादि कर मंदिर में जाकर गीता पाठ करें या पुरोहितादि से श्रवण करें। 
 
5 प्रभु के सामने इस प्रकार संकल्प करें - ‘आज मैं चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करुंगा और न ही किसी का दिल दुखाऊंगा। गौ, ब्राह्मण आदि को फलाहार व अन्नादि देकर प्रसन्न करुंगा। रात्रि को जागरण कर कीर्तन करुंगा, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जाप करुंगा, राम, कृष्ण, नारायण इत्यादि विष्णुसहस्रनाम को कण्ठ का भूषण बनाऊंगा।’ ऐसी प्रतिज्ञा करके श्रीविष्णु भगवान का स्मरण कर प्रार्थना करें कि : ‘हे त्रिलोकपति ! मेरी लाज आपके हाथ है, अत: मुझे इस संकल्प को पूरा करने की शक्ति प्रदान करें।’ मौन, जप, शास्त्र पठन, कीर्तन, रात्रि जागरण एकादशी व्रत में विशेष लाभ पंहुचाते हैं। 
 
6 एकादशी के दिन अशुद्ध द्रव्य से बने पेय न पिएं। कोल्ड ड्रिंक्स, एसिड आदि डाले हुए फलों के डिब्बाबंद रस को न पिएं। 
 
7 दो बार भोजन न करें। आइसक्रीम व तली हुई चीजें न खाएं। 
 
8 फल अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा थोड़े दूध या जल पर रहना विशेष लाभदायक है। 
 
9 व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) -इन तीन दिनों में कांसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, चावल, मसूर, उड़द, चने, शाक, शहद, तेल और अधिक जल का सेवन न करें। व्रत के पहले दिन (दशमी को) और दूसरे दिन (द्वादशी को) हविष्यान्न (जौ, गेहूं, मूंग, सेंधा नमक, कालीमिर्च, शर्करा और गोघृत आदि) का एक बार भोजन करें।  
 
10 फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए। 
 
11 आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए। 
 
12 जुआ, निद्रा, पान, पराई निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए। 
 
13 बैल की पीठ पर सवारी न करें। 
 
14 भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाए तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा मांग लेनी चाहिए। 
 
15 एकादशी के दिन घर में स्वयं झाडू नहीं लगाएं, इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है। 
 
16 इस दिन बाल नहीं कटाएं। 
 
17 मधुर बोलें, अधिक न बोलें, अधिक बोलने से न बोलने योग्य वचन भी निकल जाते हैं। 
 
18 सत्य भाषण करना चाहिए। 
 
19 इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें। 
 
20 प्रत्येक वस्तु प्रभु को भोग लगाकर तथा तुलसीदल छोड़कर ग्रहण करनी चाहिए।

ALSO READ: तुलसी स्तुति : देवउठनी एकादशी के दिन इस मधुर स्तुति से करें पूजन, पाएं अपार धनसंपदा का आशीष

सम्बंधित जानकारी

जनवरी माह 2026 में कैसा रहेगा 12 राशियों का राशिफल

नए साल 2026 के संकल्प: क्यों 90% लोग फेल हो जाते हैं और आप कैसे सफल हो सकते हैं?

न्यू ईयर राशिफल 2026: किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए है अशुभ?

जनवरी 2026 में 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा

2026 में ऑनलाइन ज्योतिष (Astrology) परामर्श के लिए 10 भरोसेमंद ज्योतिष वेबसाइट्‍स

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (01 जनवरी, 2026)

New Year Horoscope 2026: साल 2026 में चमकने वाली हैं इन 5 राशियों की किस्मत, जानें ग्रहों के गोचर का पूरा हाल

01 January Birthday: आपको 1 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

नववर्ष 2026 में मंदिर न जा पाएं तो करें यहां दर्शन

अगला लेख