rashifal-2026

Labh Pancham 2024: पांडव पंचमी आज, जानें लाभ, सौभाग्य और लक्ष्मी पंचमी के बारे में

WD Feature Desk
बुधवार, 6 नवंबर 2024 (10:20 IST)
Pandav Panchami 2024: प्रतिवर्ष दीपावली के ठीक 5 दिन बाद कार्तिक मास की शुक्ल पंचमी तिथि को पांडव पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन को लाभ पंचमी और सौभाग्य पंचमी भी कहते हैं। इस दिन पांच पांडवों ने भी भगवान शिव जी का पूजन कर सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद पाया था, इसलिए इसे पांडव पंचमी भी कहा जाता है।

Highlights 
  • लाभ पंचमी के बारे में जानें।
  • सौभाग्य पंचमी बुधवार को।
  • पंचमी 2024 कौन सी तारीख को है?
ALSO READ: Chhath Puja 2024 : छठ पूजा का दूसरा दिन खरना, जानिए इस दिन के मुहूर्त और रीति रिवाज

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2024 में यह दिन 06 नवंबर, बुधवार को मनाया जा रहा है। इसके साथ ही इसे ज्ञान पंचमी या लेखनी पंचमी के रूप में भी जाना जाता है। लाभ या सौभाग्य पंचमी का दिन व्यापार में तरक्की की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। 
 
आइए जानते हैं पांडव पंचमी, लाभ, ज्ञान, लक्ष्मी, सौभाग्य पंचमी के बारे में...
 
पांच पांडव कौन-कौन हैं : पांडव 5 भाई थे, जिनके नाम युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव हैं, जो कि पांच पांडव के नाम से जाने जाते हैं। इनमें सबसे बड़े युधिष्ठिर जिन्हें धर्मात्मा और सत्यवादी योद्धा, अपनी शारीरिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध भीम, महान धर्नुधर एवं योद्धा के रूप में विश्वविख्यात अर्जुन, घुड़सवार में निपुण नकुल और सहदेव पशु विशेषज्ञ तथा तलवार में निपुण होने के साथ ही त्रिकालदर्शी भी था। 
 
पांडव पंचमी का महत्व क्या है : धार्मिक पुराणों के मुताबिक जिस दिन भगवान श्री कृष्ण के आदेश से पांडवों ने कौरवों को युद्ध में हराया था, उस दिन पंचमी तिथि थी। तभी से पांचों पांडवों की पूजा के स्वरूप में पांडव पंचमी मनाई जाती है। इस दिन के संबंध में यह मान्यता है कि पांडव जैसे पुत्रों की प्राप्ति हेतु इस दिन श्री कृष्‍ण सहित पांडवों की पूजा की जाती है।
 
पांडव पंचमी पर कैसे करते हैं पूजन : पांडव/ लाभ/ सौभाग्य पंचमी के दिन घर को गाय के गोबर से लिपा कर गोवर्धन पूजा की तरह ही गाय के गोबर से पांडवों की आकृति बनाकर उनकी पूजा की जाती है। 
 
लाभ पंचमी का धार्मिक महत्व जानें : पांडव पंचमी की तरह ही आज लाभ पंचमी पर्व भी मनाया जा रहा है। यह दिन व्यापारियों को अधिक लाभ दिलाने वाला माना गया है, अत: इस दिन माता लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान भोलेनाथ तथा श्री गणेश के पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिवाली से भी बड़ा दिन माना जाता है तथा कारोबार में सफलता दिलाने वाला भी कहा गया है। सौभाग्य और लाभ शब्द से ही स्पष्ट है कि अपने नाम की तरह यह दिन कितना मंगलकारी तथा सौभाग्य और लाभ से जुड़ा है।

अन्य स्थानों पर इसे लक्ष्मी पंचमी भी कहा जाता है। लाभ पंचमी का दिन विशेष तौर पर एक खास तरह का लाभ पाने के लिए अतिश्रेष्ठ माना गया है। इस संबंध में यह मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री गणेश का पूजन करने से व्यापार में मनोवांछित लाभ तथा शिव-पार्वती का पूजन करने से सौभाग्य प्राप्ति, सुख-शांति, घर-परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इस दिन माता लक्ष्मी का पूजन विशेष तौर पर किया जाता है ताकि उनकी कृपा से अपार धनलाभ तथा सरस्वती की कृपा से वाणी की शुद्धि होकर उसके मिठास का वास होता है। 

ALSO READ: Chhath Puja 2024 Calendar: कब है छठ पूजा? जानें छठ महापर्व 2024 का कैलेंडर

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब रहेगा, भारत में सूतककाल का समय क्या है?

मकर राशि में त्रिग्रही योग से बने रुचक और आदित्य मंगल योग, 4 राशियों की किस्मत चमकाएंगे

February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

सभी देखें

धर्म संसार

06 February Birthday: आपको 6 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 6 फरवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

विजया एकादशी 2026: 13 फरवरी को रखा जाएगा व्रत, जानिए तिथि, महत्व और नियम

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में रहस्यमयी Chyren कौन है? जानिए पूरी सच्चाई

मंगल 2027 तक नरेंद्र मोदी को देगा मजबूती, इसके बाद इस नेता का होगा उदय

अगला लेख