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महेश नवमी के दिन क्या करें : 10 उपाय, 10 मंत्र, 10 दान सौभाग्य और धन की करेंगे बरसात

Webdunia
मंगलवार, 7 जून 2022 (10:47 IST)
Mahesh Navami 2022: ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी 8 जून 2022 बुधवार को महेश नवमी मनाई जाएगी। भगवान शिव और पार्वती को समर्पित यह नवमी अपार सुख, धन संपदा, अखंड सौभाग्य और प्रसन्नता देवे वाली है।। आइए जानते हैं महेश जयंती पर 10 उपाय, 10 मंत्र, 10 दान।

 
महेश नवमी 10 मंत्र :- 
* इं क्षं मं औं अं।
* नमो नीलकण्ठाय।
* प्रौं ह्रीं ठः।
* ऊर्ध्व भू फट्।
* ॐ नमः शिवाय।
* ॐ महेश्वराय नमः
* ॐ पार्वतीपतये नमः।
* ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
* ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
* ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥
 
महेश नवमी के दिन उपरोक्त किसी भी मंत्र का जाप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके 108 बार करना चाहिए। जप के पूर्व शिव जी को बिल्वपत्र अर्पित करना चाहिए। उनके ऊपर जलधारा अर्पित करना चाहिए। इन मंत्रों का जाप कर आप शिव को प्रसन्न कर सकते हैं।
shivling
महेष नवमी के 10 उपाय :
 
1. इस दिन भगवान शिवजी की हरसिंगार के फूलों से पूजा करना चाहिए। इस उपाय से धन-संपत्ति बढ़ती है।
 
2. महेश नवमी के दिन शिवलिंग तथा भगवान शिव परिवार का पूजन-अभिषेक किया जाता है। जल से अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।
 
3. इस दिन शिवजी को धतूरा चढ़ाने से सौभाग्य और धन की प्राप्ति होती है।
 
4. इस दिन 21 बिल्व पत्र पर लाल चंदन से 'ऊं' लिखकर शिवजी को अर्पित करें।
 
5. इस दिन शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित करने से मनोकामना पूर्ण होती है। 
 
6. इस दिन शिवजी को भांग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
 
7. भगवान शिव को पुष्प, गंगा जल और बेल पत्र आदि चढ़ाकर पूजन करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
 
8. इस दिन शिवजी के साथ ही मां पार्वती की भी पूजा की जाती है। मां पार्वती का पूजन एवं स्मरण करके विशेष आराधना करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। डमरू बजाकर आराधना करें।
 
9. शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए शिवलिंग का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करना चाहिए।
 
10. यदि किसी गंभीर रोग से परेशान हैं तो रुद्र यंत्र की स्थापना करें और उसका पूजन करने के बाद महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
 
महेश नवमी के 10 दान:
1. इस दिन कन्याओं को खीर खिलाएं।
2. जल, अन्न, फल, वस्त्र, पूजन व सुहाग सामग्री, घी, नमक, तेल, शकर और स्वर्ण।

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