Hanuman Chalisa

माता शीतला देवी की पौराणिक कथा, अवश्य पढ़ें...

Webdunia
बसौड़ा पर्व की पौराणिक कथा
 

 
बसौड़ा पर्व यानी शीतला सप्तमी या अष्टमी के दिन शीतला माता का पूजन तथा कथा का वाचन किया जाता है। लोक किंवदंतियों के अनुसार बसौड़ा की पूजा माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए की जाती है।  इस कथा के अनुसार कि एक बार किसी गांव में गांववासी शीतला माता की पूजा-अर्चना कर रहे थे तो मां को गांववासियों ने गरिष्ठ भोजन प्रसादस्वरूप चढ़ा दिया। 
 
शीतलता की प्रतिमूर्ति मां भवानी का गर्म भोजन से मुंह जल गया तो वे नाराज हो गईं और उन्होंने कोपदृष्टि से संपूर्ण गांव में आग लगा दी। बस केवल एक बुढि़या का घर सुरक्षित बचा हुआ था। 
 
गांव वालों ने जाकर उस बुढ़िया से घर न जलने के बारे में पूछा तो बुढि़या ने मां शीतला को गरिष्ठ भोजन खिलाने वाली बात कही और कहा कि उन्होंने रात को ही भोजन बनाकर मां को भोग में ठंडा-बासी भोजन खिलाया। जिससे मां ने प्रसन्न होकर बुढ़िया का घर जलने से बचा लिया। 
 
बुढ़िया की बात सुनकर गांव वालों ने मां शीतला से क्षमा मांगी और रंगपंचमी के बाद आने वाली सप्तमी के दिन उन्हें बासी भोजन खिलाकर मां का बसौड़ा पूजन किया। हिन्दू व्रतों में केवल यही व्रत ऐसा है जिसमें बासी भोजन किया जाता है।

इस दिन मां शीतला का पूजन करने से माता अपने भक्तों को धन-धान्य से परिपूर्ण कर, उनके संतानों को लंबी आयु देती है तथा हर भक्त प्राकृतिक विपदाओं से दूर रखती हैं।



यह भी पढ़ें.. 
 
शीतला सप्तमी : शीतला माता का पर्व
 
बसौड़ा पर्व : कैसे करें शीतला माता का व्रत-पूजन...
 

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?